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बीज और खाद के लिए भटकने लगे किसान

Tue, 24 May 2016 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बलिया
अमर उजाला ब्यूरो/ बलिया Updated Tue, 24 May 2016 10:47 PM IST
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किसानों ने धान की नर्सरी डालना शुरू कर दिया है। इसी के साथ अच्छे किस्म के बीज के साथ ही खाद की तलाश में किसान सहकारी समितियों का चक्कर काटना शुरू कर दिए हैं। लेकिन अभी सहकारी समितियों पर खाद और बीज उतना नहीं उपलब्ध है जितनी जरूरत है।
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जनपद के 17 ब्लाकों में कृषि विभाग भले ही खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियों पर बीज उपलब्ध करा दिए हैं। लेकिन मांग के सापेक्ष उपलब्ध न होने के कारण किसान अभी से परेशान हैं। कृषि विभाग में कुल 80 हजार किसान पंजीकृत हैं, जो सब्सिडी पाने के हकदार हैं। जबकि जनपद में किसानों की संख्या लगभग दो लाख से अधिक है। ऐसे में खाद और बीज के मारामारी होना स्वाभाविक है। ब्लाक में स्थापित सहकारी समितियों पर जाने पर किसानों का कहना है कि वहां ताला लटका रहता है या फिर सहकारी समितियों पर तैनात कर्मचारी खाद-बीज न  होने की बात बताकर टरका देते हैं।
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गड़वार ब्लाक के किसान अमरेव पांडेय ने बताया कि संकर के बीज के लिए वह बीते शनिवार को समिति पर गया था। लेकिन  समिति पर ताला लटका था। वहीं बैरिया के किसान देवेश गुप्त ने बताया कि  समिति पर खाद और बीज मयस्सर है। लेकिन कर्मचारी द्वारा यह कहते हुए बीज  देने से इंकार कर दे रहे हैं कि आपका रजिस्टेशन नहीं है। आपको बीज नहीं  मिलेगा। ऐसे में हम किसान बहुत परेशान है। कृषि अधिकारी जेपी यादव का कहना है कि जनपद में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध है। किसान खुद ही सहकारी समिति पर नहीं जा रहा है। किसानों को खाद और बीज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शार्टेज होने पर और भी खाद और बीज मंगाई जाएगी।
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