UP: अधिक संख्या वाले विद्यालय को भी कर दिया मर्ज, प्रबंध समिति और शिक्षा विभाग पर उठे सवाल; धरना-प्रदर्शन
बलिया के प्राथमिक विद्यालय आकोलही के बच्चों और अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि नियम को दरकिनार कर स्कूल का विलय कर दिया गया। यहां बच्चों की मानक क्षमता है। इस कार्रवाई पर प्रबंधन समिति और शिक्षा विभाग के खिलाफ लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
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Ballia News: बलिया के चिलकहर शिक्षा क्षेत्र के ग्राम सभा थुंभामोहन के प्राथमिक विद्यालय आकोलही के बच्चों की संख्या अधिक होने के बावजूद भी इस विद्यालय को डांडेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है।
इसकी शिकायत लोगों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से अभिभावकों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। विद्यालय के गेट पर पहुंचकर बच्चों के साथ धरना-प्रदर्शन किया। चेताया की यदि एक सप्ताह के अंदर आदेश वापस नहीं किया गया तो हम लोग चिलकहर स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
सरकार ने यह फरमान जारी किया था कि जिस विद्यालय में बच्चों की संख्या कम होगी वहां के बच्चों को नजदीक के अधिक संख्या वाले विद्यालयों में मर्ज किया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार प्रबंध समिति और शिक्षा विभाग की मिलीभगत से इसकी सरेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। चिलकहर के प्राथमिक विद्यालय अकोलही में 47 बच्चे कागजों में उपस्थित है।
अभिभावकों और बच्चों ने किया प्रदर्शन
प्राथमिक विद्यालय डांडेपुर में बच्चों की संख्या 32 है। विभागीय साठगांठ की वजह से जहां बच्चे अधिक हैं, वहीं के बच्चे को जिस विद्यालय में बच्चे कम हैं उस विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है। इसकी लिखित शिकायत ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया था। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से उनका गुस्सा फूट गया।
विद्यालय पर पहुंचकर अपने बच्चों के साथ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि इस विद्यालय पर मौजूद अध्यापकों ने हम लोगों से रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाया। इस पर कुछ नहीं लिखा गया था। जब पूछे तो कहा कि डांडेपुर विद्यालय के बच्चे यहां पर आएंगे। षड्यंत्र के तहत इस विद्यालय को डांडेपुर पर स्थित प्राथमिक विद्यालय में डेढ़ किलोमीटर दूर मर्ज कर दिया गया।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी चिलकहर ने बताया कि प्रबंध समिति व प्रधानाध्यापक के रिपोर्ट के अनुसार दूरी ज्यादा हो रही थी। इसलिए इस विद्यालय को डांडेपुर से मर्ज किया गया है। इसका विरोध हो रहा है। उच्च अधिकारियों से बात कर इस मामले में पहल की जाएगी।