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इंद्र भी नहीं डिगा सके श्रद्धालुओं के पांव, भींगते हुए लोग जमे रहे कतार में
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सावन माह के तीसरी सोमवारी पर नगर बाबा बालेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन करती महिलाएं।
- फोटो : BALLIA
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बलिया। सावन के तीसरे सोमवार को इंद्र देव श्रद्धालुओं की परीक्षा लेने पर उतारू रहे। यह बाधा श्रद्धालुओं के कदम न रोक सकी। भीगते हुए आस्थावान कतारों में खड़े रहे और स्नेह के जल से महादेव का अभिषेक किया। इस दौरान जोशीले भक्तों का हर-हर, बम-बम घोष सुनाई देता रहा।
भृगु की नगरी तड़के से ही शिवमय हो उठी। बाबा बालेश्वर मंदिर, कैलाशधाम, कदम चौराहा स्थित बालखंडी नाथ मंदिर, भृगु मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की कतार लगने लगी। जलाभिषेक के लिए सर्वाधिक भीड़ बाबा बालेश्वर मंदिर पर लगी रही। मंदिर से लेकर रामलीला मैदान चौराहा तक जहां महिलाओं की लंबी कतार रही वहीं, मंदिर से लेकर जापलिनगंज मार्ग तक पुरुष श्रद्धालुओं की कतार रही। रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश के बावजूद श्रद्धालु कतार में डटे रहे और बाबा भोलेनाथ की जयकारी करते रहे। सुरक्षा को लेकर पुलिस के जवान तैनात रहे। पुलिसकर्मी मंदिर के गेट से लेकर बाहर कतार लगवाने व श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की व्यवस्था में लगे रहे। गर्भगृह में हो रहे जलाभिषेक के दौरान व्यवस्था में भी पुलिस लगी रही।
देवकली स्थित शिव मंदिर, नगरी स्थित नकटा शिव मंदिर, नारायनपुर स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, असेगा स्थित शोकहरण नाथ मंदिर, रसड़ा स्थित श्रीनाथ मंदिर, छाता स्थित छितेश्वर नाथ मंदिर, सहतवार कस्बा स्थित पंच मंदिर, कारोिक्थित कामेश्वर नाथ, भड़सर स्थित दुखहरण नाथ मंदिर, कुकुरहा स्थित तिलेश्वर नाथ, ब्यासी स्थित हरिहर नाथ, अमांव स्थित ओमेश्वरनाथ मंदिर आदि शिवालयों पर श्रद्धालु भोर से ही जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक को पहुंचने लगे। मधुबनी- दया छपरा मार्ग स्थित जालंधर बाबा शिव मंदिर पर भोर के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं का भीड़ जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी। बेल्थरारोड के मानस मंदिर, बिचला पोखरा स्थित शिव मंदिर, बस स्टेशन मंदिर के अलावा चैनपुर गुलौरा, महुआतर शिवमंदिर, तुर्तीपार, पिपरौली, बेल्थराबाजार, हल्दीरामपुर स्थित मंदिरों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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भृगु की नगरी तड़के से ही शिवमय हो उठी। बाबा बालेश्वर मंदिर, कैलाशधाम, कदम चौराहा स्थित बालखंडी नाथ मंदिर, भृगु मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की कतार लगने लगी। जलाभिषेक के लिए सर्वाधिक भीड़ बाबा बालेश्वर मंदिर पर लगी रही। मंदिर से लेकर रामलीला मैदान चौराहा तक जहां महिलाओं की लंबी कतार रही वहीं, मंदिर से लेकर जापलिनगंज मार्ग तक पुरुष श्रद्धालुओं की कतार रही। रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश के बावजूद श्रद्धालु कतार में डटे रहे और बाबा भोलेनाथ की जयकारी करते रहे। सुरक्षा को लेकर पुलिस के जवान तैनात रहे। पुलिसकर्मी मंदिर के गेट से लेकर बाहर कतार लगवाने व श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की व्यवस्था में लगे रहे। गर्भगृह में हो रहे जलाभिषेक के दौरान व्यवस्था में भी पुलिस लगी रही।
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देवकली स्थित शिव मंदिर, नगरी स्थित नकटा शिव मंदिर, नारायनपुर स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, असेगा स्थित शोकहरण नाथ मंदिर, रसड़ा स्थित श्रीनाथ मंदिर, छाता स्थित छितेश्वर नाथ मंदिर, सहतवार कस्बा स्थित पंच मंदिर, कारोिक्थित कामेश्वर नाथ, भड़सर स्थित दुखहरण नाथ मंदिर, कुकुरहा स्थित तिलेश्वर नाथ, ब्यासी स्थित हरिहर नाथ, अमांव स्थित ओमेश्वरनाथ मंदिर आदि शिवालयों पर श्रद्धालु भोर से ही जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक को पहुंचने लगे। मधुबनी- दया छपरा मार्ग स्थित जालंधर बाबा शिव मंदिर पर भोर के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं का भीड़ जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी। बेल्थरारोड के मानस मंदिर, बिचला पोखरा स्थित शिव मंदिर, बस स्टेशन मंदिर के अलावा चैनपुर गुलौरा, महुआतर शिवमंदिर, तुर्तीपार, पिपरौली, बेल्थराबाजार, हल्दीरामपुर स्थित मंदिरों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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