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Ballia News: पंजीकरण के बाद भी गेहूं बेचने को भटक रहे किसान
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बेरुआरबारी। किसानों के लिए ऑनलाइन कियोस्क या मोबाइल एप के जरिये घर बैठे ही गेहूं बेचने के लिए पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन अनिवार्य है।
करीब एक माह से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद क्षेत्र के करम्मर निवासी किसान मंगला सिंह, मिड्ढा निवासी भुवनेश्वर सिंह, करम्बर निवासी खड़क बहादुर सिंह, दुर्गावती देवी आदि ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए एक माह से रजिस्ट्रेशन कराए लेकिन अब तक उसका सत्यापन नहीं हुआ है। रोज तहसील का चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। लेखपाल से कहने पर कहते की एसडीएम करेंगे। वहां शिकायत करने पर कहते हैं कि अभी दिखवाते हैं। सत्यापन कब होगा यह कोई नहीं बताता। मंगला सिंह का 112 क्विंटल, श्याम नारायण का 122 क्विंटल, दुर्गावती देवी 135 क्विंटल उसी तरह खुले में दरवाजे पर पड़ा है। इनको समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।
किसानों की इस परेशानी को देख छोटे किसान अब खुले बाजार में कम पैसे में भी अपने अनाज को बेचने को विवश हैं। किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है।
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इस बाबत उपजिलाधिकारी बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि तकनीकी त्रुटियों की वजह से ये समस्या आ रही है। जल्द ही लेखपालों का डिजिटल हस्ताक्षर हो जाएगा और किसानों की इन समस्याओं का निस्तारण होने लगेगा। संवाद
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करीब एक माह से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद क्षेत्र के करम्मर निवासी किसान मंगला सिंह, मिड्ढा निवासी भुवनेश्वर सिंह, करम्बर निवासी खड़क बहादुर सिंह, दुर्गावती देवी आदि ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए एक माह से रजिस्ट्रेशन कराए लेकिन अब तक उसका सत्यापन नहीं हुआ है। रोज तहसील का चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। लेखपाल से कहने पर कहते की एसडीएम करेंगे। वहां शिकायत करने पर कहते हैं कि अभी दिखवाते हैं। सत्यापन कब होगा यह कोई नहीं बताता। मंगला सिंह का 112 क्विंटल, श्याम नारायण का 122 क्विंटल, दुर्गावती देवी 135 क्विंटल उसी तरह खुले में दरवाजे पर पड़ा है। इनको समझ नहीं आ रहा कि क्या करें।
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किसानों की इस परेशानी को देख छोटे किसान अब खुले बाजार में कम पैसे में भी अपने अनाज को बेचने को विवश हैं। किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है।
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इस बाबत उपजिलाधिकारी बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि तकनीकी त्रुटियों की वजह से ये समस्या आ रही है। जल्द ही लेखपालों का डिजिटल हस्ताक्षर हो जाएगा और किसानों की इन समस्याओं का निस्तारण होने लगेगा। संवाद