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Ballia News: आठ साल बाद भी 125 करोड़ का रिंग बंधा अधूरा, 15 मीटर हिस्से से बहे जियो बैग

Tue, 14 Jul 2026 02:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 02:02 AM IST
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Even after eight years, the 125-crore ring embankment remains incomplete; geo-bags have washed away from a 15-meter section.
सिताबदियारा को बाढ़ से सुरक्षित करने के लिए निर्माणाधीन रिंग बांध में अठगावा के सामने जिओ बैग व - फोटो : Archive
जयप्रकाश नगर। गंगा और सरयू की कटान से सिताबदियारा क्षेत्र के बचाने के लिए 125 करोड़ रुपये से बन रहा रिंग बंधा आठ साल बाद भी अधूरा है। बिहार सरकार ने अपनी सीमा में चार किलोमीटर निर्माण पूरा करा दिया है। लेकिन बलिया वाला हिस्सा अधूरा है।
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ग्रामीणों के मुताबिक इब्राहिमाबाद नौबरार के अठगावां क्षेत्र में 1175 मीटर लंबे रिंग बंधे का 15 मीटर हिस्से में लगाए गए जियो बैग और जियो सीट बारिश में बह गए हैं। इसके अलावा बांध पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े रेन कट भी बन गए हैं। ग्रामीण पप्पू सिंह, पूर्व प्रधान बच्चा जी यादव, उमेश चौधरी और ध्रुव सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की सूचना संबंधित सहायक अभियंता (एई) को दे दी गई है, लेकिन अब तक मरम्मत शुरू नहीं हुई।
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रिंग बांध का निर्माण पूरा होने पर इब्राहिमाबाद नौबरार और कोड़हरा नौबरार पंचायतों के साथ ही बिहार के सिताबदियारा और प्रभुनाथनगर पंचायत के दर्जनों गांव स्थायी रूप से बाढ़ के खतरे से सुरक्षित हो जाएंगे।
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एक नजर में काम
- 2017 में 125 करोड़ से संयुक्त रूप से यूपी और बिहार सरकार की ओर से बंधे के निर्माण की स्वीकृति मिली।
-बिहार में 2018 में 85 करोड़ से कुल चार किलोमीटर की दूरी में बंधा बनोन की शुरुआत और 2019 में काम पूरा।
-यूपी की सीमा में 40 करोड़ से 2018 में गंगा किनारे 2300 मीटर रिंग बंधा व सरयू नदी के किनारे 1175 मीटर निर्माण कार्य प्रारंभ। डेढ़ सौ मीटर काम अधूरा।



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यदि सिताबदियारा में बाढ़ आती है तो सबसे पहले किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। खेतों में महीनों तक पानी भरा रहेगा, जिससे अगली फसल की बोआई प्रभावित होगी। पशुओं के चारे का संकट भी खड़ा हो जाएगा। - पप्पू सिंह, बीडीसी, रामेश्वर टोला
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बाढ़ आने पर सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को होती है। घरों में पानी घुस जाता है, भोजन बनाने और पीने के साफ पानी की समस्या हो जाती है। स्कूल बंद हो जाते हैं। - लीला देवी, अठगावा
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बाढ़ के कारण विद्यालय बंद हो जाते हैं। और बच्चों की शिक्षा बाधित होती है। सड़क संपर्क टूटने से शिक्षक भी स्कूल नहीं पहुंच पाते। लंबे समय तक शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहती हैं। -दीपक पाण्डेय, घुरी टोला निवासी
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सिताबदियारा में बाढ़ आने का मतलब सिर्फ जलभराव नहीं, बल्कि पूरे इलाके का मुख्य भूमि से कट जाना है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, दवाइयों और खाद्यान्न की आपूर्ति बाधित हो जाती है। लोगों को राहत शिविरों पर निर्भर होना पड़ता है। समय रहते सुरक्षा और राहत के पर्याप्त इंतजाम जरूरी हैं।


गुड़िया देवी, बड़का सुफल टोला

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सरयू नदी के किनारे बने रिंग बंधे पर यदि कहीं भी रेन कट या अन्य क्षति हुई है तो उसकी तत्काल मरम्मत कराई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि सिताबदियारा क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। -संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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