{"_id":"65f2f3b0098d82e82c09909d","slug":"eow-varanasi-team-action-in-food-grain-scam-ballia-two-kotdars-arrested-2024-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्यान्न घोटालाः बलिया में धमकी ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम, दो कोटेदारों को किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्यान्न घोटालाः बलिया में धमकी ईओडब्ल्यू वाराणसी की टीम, दो कोटेदारों को किया गिरफ्तार
Thu, 14 Mar 2024 06:26 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 14 Mar 2024 06:26 PM IST
सार
Ballia News: गुरुवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी के निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम सुखपुरा पहुंची। चौराहे के पास से कोटेदार प्रेमचंद गुप्ता पुत्र शिवशंकर प्रसाद निवासी सुखपुरा बाजार और अमरदेव राम पुत्र श्रीराम गोंड निवासी ग्राम सूर्यपुरा को गिरफ्तार किया। दोनों तत्कालीन और वर्तमान कोटेदार हैं।
विज्ञापन
ईओडब्ल्यू वाराणसी की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलिया के खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) वाराणसी की टीम ने दो और कोटेदारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम वाराणसी में पेश करने के लिए टीम अपने साथ वाराणसी ले गई।
विज्ञापन
वर्ष 2002 और 2005 के मध्य केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार देकर खाद्यान्न और नगद धनराशि का भुगतान किया जाना था। योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। उस समय एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच ईओडब्ल्यू वाराणसी को सौंप दी गई थी। गुरुवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन वाराणसी के निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम सुखपुरा पहुंची।
विज्ञापन
चौराहे के पास से कोटेदार प्रेमचंद गुप्ता पुत्र शिवशंकर प्रसाद निवासी सुखपुरा बाजार और अमरदेव राम पुत्र श्रीराम गोंड निवासी ग्राम सूर्यपुरा को गिरफ्तार किया। दोनों तत्कालीन और वर्तमान कोटेदार हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम वाराणसी में पेश करने के लिए टीम अपने साथ वाराणसी लेती गई। टीम में निरीक्षक रविंद्र प्रताप यादव, छेदी सिंह, हेमंत सिंह और विनोद यादव शामिल थे।
विज्ञापन
ये है मामला
वर्ष 2002 से 2005 के दौरान जनपद बेरुआरबारी ब्लॉक के विभिन्न गांवों में क्षेत्र पंचायत अंश से योजना के तहत मिट्टी, नाली निर्माण, खडंजा, पटरी मरम्मत, सम्पर्क मार्ग, सीसी और पुलिया निर्माण का कार्य कराया जाना था। कार्य मानक के अनुरूप नहीं हुए और अपूर्ण पाए गए ऐ। कोटेदारों पर सीडीओ, बीडीओ और सचिव से मिलीभगत कर धोखाधड़ी, कूटरचित अभिलेखों के आधार पर शासकीय धन का गबन करने का आरोप है।