फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Entrepreneur hangs life on loss in business

कारोबार में घाटे पर उद्यमी ने फंदे से लटक कर दी जान

Sun, 23 Feb 2020 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 11:00 PM IST
विज्ञापन
Entrepreneur hangs life on loss in business
रेवती (बलिया)। नगर के उत्तर टोला के एक वृद्ध प्रेमशंकर पांडेय ने रविवार को अपने कमरे में फंदे से लटक कर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। व्यवसाय में घाटे को लेकर प्रेमशंकर परेशान चल रहे थे।
विज्ञापन

नगर के उत्तर टोला वार्ड नंबर दस निवासी प्रेमशंकर पांडेय (67) रविवार की सुबह खाना खाने के बाद अपना कमरा बंद कर सो गए। शाम को उनके चचेरे भाई मायाशंकर पांडेय बलिया से आने के बाद चाय पीने के लिए जब उन्हें आवाज लगाई तो कोई उत्तर नहीं मिला। दरवाजा खटखटाने और बार बार आवाज लगाने के बाद भी किसी प्रकार का उत्तर नहीं मिला तो उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने लोगों की उपस्थिति में दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य देख हक्का बक्का रह गए। प्रेमशंकर का शव छत में लगे हुक से नायलान की रस्सी के सहारे लटका हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक का एक पुत्र है जो इस समय अमेरिका में है। पत्नी 14 फरवरी को पुत्रवधू के पास मुंबई गई है। प्रेम शंकर पांडेय फरीदाबाद में कोई व्यवसाय करते थे तथा व्यवसाय में घाटे को लेकर परेशान रहा करते थे। वे करीब डेढ़ माह पूर्व घर आए थे।
विज्ञापन

अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हो पाए अपने
रेवती। कभी लाखों का वारा-न्यारा करने वाले प्रेम शंकर पांडेय को आखिर आत्म हत्या क्यों करनी पड़ी इस यक्ष प्रश्न का जवाब देने के लिए रविवार को उनके पैत्रिक गांव न तो बेटा था, न पत्नी थीं और न ही बहू। गांव वालों के अनुसार उनके एक चचेरे भाई जो बलिया में कहीं रहते हैं उनको सुसाइड की जानकारी दी गई तो आए और शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर चले गए। वहीं से घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार भी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव के लोगों के अनुसार प्रेम शंकर पांडेय के पिता बलराम पांडेय रेवती नगर पंचायत के सभासद रहे और उनके पास ठीकठाक संपत्ति भी थी। जब वे नहीं रहे तो लगभग 25 से 30 साल पहले प्रेम शंकर अपने परिवार को लेकर फरीदाबाद चले गए और वहीं के होकर रह गए। इसके बाद उन्होंने गांव का ी नहीं।
बेटे का नाम तक गांव वालों को नहीं पता
बलिया। गांव के लोगों ने बताया कि बेटे गुड्डू का असली नाम भी गांव में किसी को नहीं मालूम। वे लोग आज भी उसे गुड्डू के ही नाम से जानते हैं जो इस समय किसी मल्टी नेशनल कंपनी में भू वैज्ञानिक की हैसियत से काम कर रहा है और उसका अधिकतर समय देश के बाहर ही बीतता है। गांव वालों के अनुसार कभी पता चलता था कि वह अमेरिका में है तो कभी कहीं और। प्रेम शंकर की पत्नी बहू के साथ मुंबई में रहती हैं और इस समय भी वहीं हैं।

फरीदाबाद में चलाते थे कोई फैक्ट्री
बलिया। प्रेम शंकर फरीदाबाद में स्पोर्ट्स आईटम बनाने की फैक्ट्री संचालित करते थे। स्पष्ट रूप से तो कोई भी कुछ बताने में असमर्थ था, लेकिन वे अंदाजा लगा रहे थे कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रेम शंकर अपनी कंपनी को चला नहीं पाए और घाटा के कारण उसे बंद करना पड़ा। इस दौरान उनपर कर्ज भी काफी हो गया था, जिससे परेशान होकर लगभग एक या सवा माह पहले ही गांव लौटे थे। गांव लौटने के बाद भी गांव के लोगों से मिलने-जुलने की बजाय अक्सर घर में ही बंद रहते थे और रविवार को अचानक आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed