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कर्मचारी चुनाव में अटके, हफ्तेभर से 6972 ऑनलाइन आवेदन हैं लटके

Thu, 03 Feb 2022 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 11:21 PM IST
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Employees stuck in election, 6972 online applications are hanging for a week
बलिया। विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण तहसीलों के ऑनलाइन कामकाज पर भी असर पड़ा है। इसकी वजह से तहसील में जाति, आय, निवास और अन्य प्रमाणपत्र के ऑनलाइन आवेदन लंबित होने लगे हैं। जिले के तहसीलों में कुल 6972 आवेदन एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित हैं। इससे आवेदकों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।
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10 वर्ष पहले सरकार ने आठ विभागों की 26 सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए ग्रामीणों को घर बैठे सुविधाएं देने की व्यवस्था की। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में जनसेवा केंद्रों का संचालन शुरु कराया गया और इसके संचालन की जिम्मेदारी बतौर सेवा प्रदाता एजेंसी वयमटेक को दी गई। हालांकि करीब सात वर्ष पहले जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल कर लिया गया और सभी सेवाओं को इसी के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई। वर्तमान में शासन की ओर से जनसेवा केंद्रों के संचालन के लिए एजेंसियों वयमटेक व बीएलएस को जिम्मेदारी दी है। वर्तमान में विधान सभा चुनाव के कारण कर्मचारियों की व्यवस्तता का असर प्रमाणपत्रों के आवेदनों के निस्तारण पर भी पड़ने लगा है। जिले में कुल 6972 आवेदन करीब एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित हैं।
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अधिकतम 20 दिनों में निस्तारण नहीं होने पर कार्रवाई का भी प्रावधान
बलिया। सात वर्ष पहले जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल कर लिया गया और सभी सेवाओं को इसी के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई। ई-डिस्ट्रिक्ट में प्रावधान किया गया कि किसी भी आवेदन को अधिकतम 15 दिनों के अंदर और विशेष परिस्थितयों में जांच करने की दशा में अधिकतर 20 दिनों में निस्तारित कर दिए जाएं। शासन की ओर से यह भी प्रावधान किया गया निर्धारित अवधि में आवेदनों के निस्तारण नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लेकिन सात साल बाद भी यह नियम केवल कागजों तक ही सीमित रह गए और आज भी आवेदनों के निस्तारण मनमानी की जा रही है। खासकर शहर व आसपास के गांवों में राजस्वकर्मियों की खूब मनमानी है। बतौर उदाहरण नगर के बेदुआ निवासी संजना कुमारी ने आय, जाति व निवास के लिए आवेदन किया जिसे जिसे नौ दिनों बाद रिजेक्ट कर दिया गया। इसी तरह शहर से सटे सहरसपाली निवासी विद्यावती ने विधवा पेंशन आवेदन के लिए आय प्रमाण को आवेदन किया लेकिन आठ दिनों बाद लेखपाल की ओर से मजदूरी का साक्ष्य नहीं है बताकर आवेदन को निरस्त कर दिया गया। यह तो महज उदाहरण हैं, आए दिन तहसीलों में इस तरह की मनमानी की जा रही है।
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जिले में संचालित हैं 1195 जनसेवा केंद्र
जिले में कुल 1195 जनसेवा केंद्र संचालित हैं। जनसेवा केंद्रों के संचालन के लिए सरकार की ओर से दो एजेंसियों वयमटेक व बीएलएस को दी गई है।
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तहसील लंबित आवेदनों की संख्या
सदर 1511
सिकंदरपुर 1108
बैरिया 922
बांसडीह 1252
रसड़ा 1161
बेल्थरारोड 1018
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आवेदनों को बिना जांच के निरस्त करने का प्रावधान नहीं है। चुनावी व्यस्तता के बीच प्रमाणपत्रों के आवेदनों के निस्तारण पर जोर है। इसके लिए एक कर्मचारी की तैनाती भी की गई है। आवेदनों को रिजेक्ट करने के मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सदानंद सरोज, तहसीलदार, बलिया।
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