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बिजली ने किया बेहाल
ballia
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:11 PM IST
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विद्युत कटौती ने क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। हालत यह है कि शिकायत के लिए फोन करने पर अधिकारी इसे उठाते तक नहीं है। लोग दिक्कत में हैं कि आखिर समस्या का समाधान कैसे होगा। नाराज लोगों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को चेताया है।
विद्युत उपकेंद्र नगरा से 100 से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। अगस्त से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो गई है, तब से अब तक पटरी पर नहीं आई। कर्मचारियों व अधिकारियों पर शासन-प्रशासन का खौफ नहीं है। किसानों की धान की फसल पानी के अभाव में जहां खराब हो रही है। वहीं कुटीर उद्योग भी ठप हो गया है। लगातार उमस भरी गर्मी से लोग परेशान है तो वहीं बाधित हो रही आपूर्ति ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। लोग विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता की मोबाइल पर संपर्क करना चाहते हैं तो स्वीच आफ बता रहा है। वहीं उपकेंद्र पर सरकारी मोबाइल भी बाधित चल रहा है। सरकारी महकमे पर कोई असर नहीं है। क्षेत्र के पूर्व प्रधान शत्रुंजय चौबे ने कहा कि इस जिले के प्रभारी ऊर्जा मंत्री है और जिस जिले के प्रभारी है, उस जिले की यह दशा है तो अन्य जिलों की क्या स्थिति होगी।
बैरिया : बैरिया विद्युत उपकेंद्र से लगे ग्रामीण इलाकों में नवरात्रि से ही रात की बिजली गायब है। भोर में कभी चार बजे तो कभी पांच बजे बिजली आ रही है और आंखमिचौली करते-करते नौ बजे सुबह कट जा रही है। इसके बाद शाम को रात नौ बजे तक आंख-मिचौली करते-करते दो घंटे बिजली दी जाती है। इस तरह कुल मिलाकर देहांत क्षेत्र के गांव में पांच से छह घंटे की बिजली आपूर्ति दी जा रही है। जिससे करमानपुर, तालिबपुर, दुर्जनपुर, नरायनगढ़, चिकिया, श्रीनगर, मधुबनी, उपाध्यापुर, मकदूमपुर आदि दर्जनों गांव के हजारों लोग अंधेरे में रात बीताने को मजबूर है। जबकि बिजली से जुड़े कुटीर उद्योग बंद होने के कगार पर है।
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गांव के छोटे बच्चे कहते सुने जा रहे हैं की मम्मी योगी जी कहते हैं 18 घंटे बिजली देने के लिए, लेकिन इससे तो अच्छा पूर्व के सरकार में 12 घंटे बिजली मिल जाया करती थी। रानीगंज बाजार के युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष रोशन गुप्ता,मुन्ना शर्मा,अरविंद सिंह सेंगर आदि लोगो ने बताया कि बिजली कब आएगी कब जाएगी कोई ठीक नहीं है। कुल मिलाकर आम लोग बिजली कटौती को लेकर आक्रोशित है। इस बाबत विद्युत विभाग के एसडीओ उमेश कुमार से पूछने पर बताया के ऊपर से कटौती हो रही है, जब उनसे पूछा गया कि देहात क्षेत्र की रोस्टर क्या है उन्होंने कहा कि मैं कुछ नहीं बता सकता हूं, जितना बिजली मिल रही है उतना दिया जा रहा है, जो कटौती हो रही है ऊपर से हो रही है।
मनियर : भीषण गर्मी में कभी दो घंटे दिन में तो रात में भी दो घंटे तक बिजली मिल रही है। उसमें भी दस मिनट पर ब्रेक डाउन लिया जा रहा है। जिससे लोग परेशान है, जबकि शासन द्वारा 20 से 22 घंटे दी जाने वाली बिजली देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। उसी समय बिजली कट जा रही है जिससे वह जग करके पूरी रात बिता रहे है।ं लोगों ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल प्रभाव से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही कि गयी तो बड़ा आंदोलन होगा।
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विद्युत उपकेंद्र नगरा से 100 से अधिक गांवों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। अगस्त से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो गई है, तब से अब तक पटरी पर नहीं आई। कर्मचारियों व अधिकारियों पर शासन-प्रशासन का खौफ नहीं है। किसानों की धान की फसल पानी के अभाव में जहां खराब हो रही है। वहीं कुटीर उद्योग भी ठप हो गया है। लगातार उमस भरी गर्मी से लोग परेशान है तो वहीं बाधित हो रही आपूर्ति ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। लोग विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता की मोबाइल पर संपर्क करना चाहते हैं तो स्वीच आफ बता रहा है। वहीं उपकेंद्र पर सरकारी मोबाइल भी बाधित चल रहा है। सरकारी महकमे पर कोई असर नहीं है। क्षेत्र के पूर्व प्रधान शत्रुंजय चौबे ने कहा कि इस जिले के प्रभारी ऊर्जा मंत्री है और जिस जिले के प्रभारी है, उस जिले की यह दशा है तो अन्य जिलों की क्या स्थिति होगी।
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बैरिया : बैरिया विद्युत उपकेंद्र से लगे ग्रामीण इलाकों में नवरात्रि से ही रात की बिजली गायब है। भोर में कभी चार बजे तो कभी पांच बजे बिजली आ रही है और आंखमिचौली करते-करते नौ बजे सुबह कट जा रही है। इसके बाद शाम को रात नौ बजे तक आंख-मिचौली करते-करते दो घंटे बिजली दी जाती है। इस तरह कुल मिलाकर देहांत क्षेत्र के गांव में पांच से छह घंटे की बिजली आपूर्ति दी जा रही है। जिससे करमानपुर, तालिबपुर, दुर्जनपुर, नरायनगढ़, चिकिया, श्रीनगर, मधुबनी, उपाध्यापुर, मकदूमपुर आदि दर्जनों गांव के हजारों लोग अंधेरे में रात बीताने को मजबूर है। जबकि बिजली से जुड़े कुटीर उद्योग बंद होने के कगार पर है।
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गांव के छोटे बच्चे कहते सुने जा रहे हैं की मम्मी योगी जी कहते हैं 18 घंटे बिजली देने के लिए, लेकिन इससे तो अच्छा पूर्व के सरकार में 12 घंटे बिजली मिल जाया करती थी। रानीगंज बाजार के युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष रोशन गुप्ता,मुन्ना शर्मा,अरविंद सिंह सेंगर आदि लोगो ने बताया कि बिजली कब आएगी कब जाएगी कोई ठीक नहीं है। कुल मिलाकर आम लोग बिजली कटौती को लेकर आक्रोशित है। इस बाबत विद्युत विभाग के एसडीओ उमेश कुमार से पूछने पर बताया के ऊपर से कटौती हो रही है, जब उनसे पूछा गया कि देहात क्षेत्र की रोस्टर क्या है उन्होंने कहा कि मैं कुछ नहीं बता सकता हूं, जितना बिजली मिल रही है उतना दिया जा रहा है, जो कटौती हो रही है ऊपर से हो रही है।
मनियर : भीषण गर्मी में कभी दो घंटे दिन में तो रात में भी दो घंटे तक बिजली मिल रही है। उसमें भी दस मिनट पर ब्रेक डाउन लिया जा रहा है। जिससे लोग परेशान है, जबकि शासन द्वारा 20 से 22 घंटे दी जाने वाली बिजली देने का दावा खोखला साबित हो रहा है। उसी समय बिजली कट जा रही है जिससे वह जग करके पूरी रात बिता रहे है।ं लोगों ने चेतावनी दी कि यदि तत्काल प्रभाव से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही कि गयी तो बड़ा आंदोलन होगा।