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आठ ब्लॉक हुए महत्वाकांक्षी, 468 गांवों की बदलेगी सूरत
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बलिया। जिले के आठ ब्लॉक का चयन आकांक्षी ब्लॉक के रूप में किया गया है। इनके गांवों में विकास की सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा। अर्ह लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
शासन की ओर से विकास कार्यों के मामले में पिछड़े ब्लॉक के गांवों को संतृप्त करने का निर्देश दिया है। इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से चयनित ब्लॉकों की विस्तृृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। इन ब्लॉकों को विकसित करने के लिए छह योजनाओं पर विशेष जोर रहेगा। इसके लिए डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नामित किया है। स्वास्थ्य और पोषण की सेवाएं लागू करने की जिम्मेदारी सीएमओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी गई है। शिक्षा के लिए बीएसए और डीआईओएस को जिम्मेदारी मिली है। कृृषि संबंधित योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दी गई है। वित्तीय सेवाओं के लिए एलडीएम को नामित है। कौशल विकास के लिए जिला समन्वयक और बेसिक इंफ्रास्टक्चर मजबूत करने के लिए परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता पीएमजेएसवाई, अधिशासी अभियंता जल निगम, एसडीओ दूरसंचार और डीपिीआरओ को दी है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी की मानें तो नीति आयोग ने काउलागी समिति की रिपोर्ट में दिए गए संकेतकों और जनपद की आवश्यकता एवं प्राथमिकता के आधार पर पिछड़े आठ ब्लॉकों का चयन किया है। इन ब्लॉकों को महत्वाकांक्षी जनपदों की भांति विकसित किया जाएगा। इन ब्लॉकों के गांवों में कराए जाने वाले कार्यों का प्रति माह अनुश्रवण किया जाएगा।
यह ब्लॉक हैं आकांक्षी
ब्लॉक गांवों की संख्या
रसड़ा 75
चिलकहर 66
गड़वार 63
सोहांव 56
पंदह 45
मनियर 47
बांसडीह 58
हनुमानगंज 58
आठ ब्लॉकों के सभी ग्राम पंचायत और मजरों को योजना से आच्छादित किया जाएगा। 31 मार्च 2020 तक के गांवों का स्तर को मानक माना गया है। काउलागी समिति द्वारा निर्धारित करीब 72 संकेतांकों के आधार पर कार्रवाई चल रही है। इन गांवों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
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-विजय शंकर, डीएसटीओ, बलिया।
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शासन की ओर से विकास कार्यों के मामले में पिछड़े ब्लॉक के गांवों को संतृप्त करने का निर्देश दिया है। इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से चयनित ब्लॉकों की विस्तृृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी है। इन ब्लॉकों को विकसित करने के लिए छह योजनाओं पर विशेष जोर रहेगा। इसके लिए डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नामित किया है। स्वास्थ्य और पोषण की सेवाएं लागू करने की जिम्मेदारी सीएमओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी गई है। शिक्षा के लिए बीएसए और डीआईओएस को जिम्मेदारी मिली है। कृृषि संबंधित योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दी गई है। वित्तीय सेवाओं के लिए एलडीएम को नामित है। कौशल विकास के लिए जिला समन्वयक और बेसिक इंफ्रास्टक्चर मजबूत करने के लिए परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता पीएमजेएसवाई, अधिशासी अभियंता जल निगम, एसडीओ दूरसंचार और डीपिीआरओ को दी है। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी की मानें तो नीति आयोग ने काउलागी समिति की रिपोर्ट में दिए गए संकेतकों और जनपद की आवश्यकता एवं प्राथमिकता के आधार पर पिछड़े आठ ब्लॉकों का चयन किया है। इन ब्लॉकों को महत्वाकांक्षी जनपदों की भांति विकसित किया जाएगा। इन ब्लॉकों के गांवों में कराए जाने वाले कार्यों का प्रति माह अनुश्रवण किया जाएगा।
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यह ब्लॉक हैं आकांक्षी
ब्लॉक गांवों की संख्या
रसड़ा 75
चिलकहर 66
गड़वार 63
सोहांव 56
पंदह 45
मनियर 47
बांसडीह 58
हनुमानगंज 58
आठ ब्लॉकों के सभी ग्राम पंचायत और मजरों को योजना से आच्छादित किया जाएगा। 31 मार्च 2020 तक के गांवों का स्तर को मानक माना गया है। काउलागी समिति द्वारा निर्धारित करीब 72 संकेतांकों के आधार पर कार्रवाई चल रही है। इन गांवों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
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-विजय शंकर, डीएसटीओ, बलिया।