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विधायक ने किया ड्रेजिंग परियोजना का शुभारंभ, गंगा नदी की धारा को किया जाएगा डायवर्ट

Fri, 29 May 2020 07:03 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 29 May 2020 07:03 PM IST
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MLA inaugurates dredging project, work will begin to divert the river Ganges
ड्रेजिंग कार्य के लिए भूमि पूजन करते बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला।

गंगा नदी के उस पार पचरुखिया मौजा में शुक्रवार सुबह दस बजे क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह ने 30 करोड़ नौ लाख 55 हजार रुपये से होने वाले दुबे छपरा ड्रेजिंग परियोजना का शुभारंभ गंगा मैया का पूजन कर किया। उन्होंने जल्द ड्रेजिंग का कार्य शुरू करने का निर्देश बैराज खंड वाराणसी के अधिकारियों को दिया। कहा कि हर हाल में मानक का ख्याल रखा जाए।

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बताते चलें कि 17 सितंबर 2019 को दुबे छपरा रिंग बंधा गंगा की लहरों में बह गया था। बंधा टूटने की खबर पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 सितंबर को दया छपरा में पहुंचे थे। उन्होंने गंगा के मुहाने पर बसे गांव के लोगों को आश्वासन दिया था कि समय रहते ही नदी की धारा को ड्रेजिंग कर मोड़ने का काम किया जाएगा। उसी के तहत बैराज खंड वाराणसी की टीम ने गंगा नदी के उस पार बसे पचरुखिया मौजे से नदी की धारा को डायवर्ट करने का प्लान बनाया।
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बैराज खंड वाराणसी के अधिशासी अभियंता टीएन सिंह ने बताया कि जल्द ही नदी के डायवर्जन का काम शुरू हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट जीएफसीसी पटना से भी स्वीकृत हो गया है। हाल फिलहाल 5.9 किलोमीटर की दूरी तक ड्रेजिंग के मुख्य प्वाइंटों पर काम शुरू किया जाएगा। नदी के बीच की चौड़ाई 60 मीटर है तथा गहराई पानी तल से तीन से पांच मीटर अंदर तक किया जाएगा। ताकि नदी का जलस्तर बढ़ता भी है तो काम को आसानी से किया जा सके।

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MLA inaugurates dredging project, work will begin to divert the river Ganges
ड्रेजिंग कार्य का हुआ शुभारंभ। - फोटो : अमर उजाला।

जानकारों की माने तो बाढ़ आने में गिने-चुने मात्र 30 दिन शेष बचे हैं। ऐसे में मानक के अनुरूप काम कैसे पूरा होगा यह आने वाला भविष्य ही बताएगा। लोगो में यह चर्चा है कि यदि नदी की धारा वाले ही प्रोजेक्ट पर काम करना था तो दुबे छपरा में 9 करोड़ रुपया नौरंगा में 10 करोड़ और गंगापुर में सात करोड़ रुपए खर्च करने का क्या मतलब था। इसी परियोजना को समय से पहले स्वीकृति मिल जाती और समय रहते काम पूरा हो जाता तो लोगों को बाढ़ का स्थाई निदान मिल जाता। 

जमीन का मुआवजा या जमीन के बदले में जमीन दिलाने की मांग 
गंगा नदी के उस पार मौजा पचरुखिया, दुर्जनपुर, पांडेयपुर बुल्लापुर के काश्तकारों ने क्षेत्रीय विधायक को मांग पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि हम अपनी जमीनें देने को तैयार हैं, लेकिन मानक के अनुरूप हमें जमीन के बदले जमीन या उसका मुआवजा शासन-प्रशासन से दिलवाया जाए। क्षेत्रीय विधायक ने किसानों को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री मंत्री को मामले से अवगत कराएंगे। इसके बाद काश्तकारों ने पत्रक बैराज खंड वाराणसी के अधिशासी अभियंता टीएन सिंह को सौंपा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मांगों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा।

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