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Ballia News: निविदा में हो रहे खेल की शिकायत पर डीएम ने बैठाई जांच
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बलिया। जिला पंचायत की ओर से बीते 31 दिसंबर को किए गए करीब 362 कार्यों का टेंडर फिर विवादों में फंस गया है।
करीब 10 जिला पंचायत सदस्यों की ओर से बीते 16 जनवरी को की गई शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने 10 दिनों के निविदा खोलने पर रोक लगाते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है और 10 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जांच कमेटी में एसडीएम एआर फारुकी, एनआईसी के डीआईओ और वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) शामिल है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद जिला पंचायत में हड़कंप का माहौल है।
जिला पंचायत ने नवंबर 2022 में 362 कार्यों के लिए चार भागों में निविदा निकाली थी। इसमें जिला पंचायत के कुछ बाबुओं ने धांधली कर कथित फर्जी फर्मों के नाम से निविदा डाली दी। इसी बीच दिसंबर 2022 के प्रथम सप्ताह में जिला पंचायत सदस्य अक्षयलाल यादव ने मुख्य सचिव से निविदा निकालने में हुई धांधली की शिकायत की।
इसके के बाद मामले की जांच हुई और निविदा को 28 दिसंबर 2022 को निरस्त कर दिया गया। लेकिन जिला पंचायत के जिम्मेदारों ने खेल करते हुए 31 दिसंबर 2022 को पुराने स्वरूप में ही पुन: निविदा निकाल दिया, जिसके तहत पहली लिस्ट में 122, दूसरी लिस्ट में 127, तीसरी लिस्ट में 106 और चौथी लिस्ट में सात सड़कों के निर्माण व मरम्मत के कार्य शामिल थे।
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इसके बाद फिर कथित फर्मों के नाम पर टेंडर आवंटित किए जाने का खेल शुरू हो गया। बीते 16 जनवरी को करीब दस जिला पंचायत सदस्यों ने जिपं के जिम्मेदारों द्वारा टेंडर में अनियमित्ता किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की। जिसके बाद जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने निविदा पर रोक लगाते हुए मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
जिला पंचायत सदस्यों की शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, लेकिन टेंडर में कोई अनियमितता नहीं की गई है। - अशोक कुमार सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, बलिया
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करीब 10 जिला पंचायत सदस्यों की ओर से बीते 16 जनवरी को की गई शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने 10 दिनों के निविदा खोलने पर रोक लगाते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है और 10 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जांच कमेटी में एसडीएम एआर फारुकी, एनआईसी के डीआईओ और वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) शामिल है। जिलाधिकारी के आदेश के बाद जिला पंचायत में हड़कंप का माहौल है।
जिला पंचायत ने नवंबर 2022 में 362 कार्यों के लिए चार भागों में निविदा निकाली थी। इसमें जिला पंचायत के कुछ बाबुओं ने धांधली कर कथित फर्जी फर्मों के नाम से निविदा डाली दी। इसी बीच दिसंबर 2022 के प्रथम सप्ताह में जिला पंचायत सदस्य अक्षयलाल यादव ने मुख्य सचिव से निविदा निकालने में हुई धांधली की शिकायत की।
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इसके के बाद मामले की जांच हुई और निविदा को 28 दिसंबर 2022 को निरस्त कर दिया गया। लेकिन जिला पंचायत के जिम्मेदारों ने खेल करते हुए 31 दिसंबर 2022 को पुराने स्वरूप में ही पुन: निविदा निकाल दिया, जिसके तहत पहली लिस्ट में 122, दूसरी लिस्ट में 127, तीसरी लिस्ट में 106 और चौथी लिस्ट में सात सड़कों के निर्माण व मरम्मत के कार्य शामिल थे।
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इसके बाद फिर कथित फर्मों के नाम पर टेंडर आवंटित किए जाने का खेल शुरू हो गया। बीते 16 जनवरी को करीब दस जिला पंचायत सदस्यों ने जिपं के जिम्मेदारों द्वारा टेंडर में अनियमित्ता किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की। जिसके बाद जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने निविदा पर रोक लगाते हुए मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
जिला पंचायत सदस्यों की शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, लेकिन टेंडर में कोई अनियमितता नहीं की गई है। - अशोक कुमार सिंह, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, बलिया