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तो अबकी दिवाली मिट्टी के दीयों वाली
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 26 Oct 2016 07:58 PM IST
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दीया
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दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं। इस दौरान चल रहे चायनीज सामान के बहिष्कार के मद्देनजर चाइनीज झालर नहीं बल्कि मिट्टी के दीये लोगों की पसंद बन रहे हैं। दीयों की खरीदारी तेज होने से कुम्हार भी काफी गदगद है। क्षेत्र के पूर्व सैनिक रामेश्वर सिंह का कहना है कि इस वर्ष चाइना निर्मित झालर नहीं जलाएंगे। हमारे पैसों से ही हमें चीन हमारे देश के लोगों को आंख दिखा रहा है।
हम दीपावली पर्व पर दीया-बत्ती जलाएंगे। मिट्टी दीया खरीदने से जहां कुम्हारों का रोजगार बढ़ेगा वहीं देश की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। जब हमारे देश का पैसा देश में रहेगा, तो हम किसी भी आतंकवादी संगठन से लड़कर हम उन्हें ठिकाने लगा सकते है। कहा कि हमारे देश के कुम्हारों का रोजगार बंद हो गया था।
लेकिन अब उन्हें दीपावली पर्व पर इस वर्ष काफी बिक्री है। हरिपुर निवासी कुम्हार मनोज ने बताया कि इस वर्ष मिट्टी का दीया, कलश, घंटी, कुल्हड़ आदि का बिक्री जोरों पर है। कहा कि कोर्ट द्वारा प्लास्टिक बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया । उस समय कुम्हारों के दिन बहुरने लगे थे एवं मिट्टी के बर्तन बिकने शुरू हो गए । लेकिन कुछ दिनों बाद से ही प्लास्टिक बिकना शुरू हो गए।
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हम दीपावली पर्व पर दीया-बत्ती जलाएंगे। मिट्टी दीया खरीदने से जहां कुम्हारों का रोजगार बढ़ेगा वहीं देश की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। जब हमारे देश का पैसा देश में रहेगा, तो हम किसी भी आतंकवादी संगठन से लड़कर हम उन्हें ठिकाने लगा सकते है। कहा कि हमारे देश के कुम्हारों का रोजगार बंद हो गया था।
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लेकिन अब उन्हें दीपावली पर्व पर इस वर्ष काफी बिक्री है। हरिपुर निवासी कुम्हार मनोज ने बताया कि इस वर्ष मिट्टी का दीया, कलश, घंटी, कुल्हड़ आदि का बिक्री जोरों पर है। कहा कि कोर्ट द्वारा प्लास्टिक बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया । उस समय कुम्हारों के दिन बहुरने लगे थे एवं मिट्टी के बर्तन बिकने शुरू हो गए । लेकिन कुछ दिनों बाद से ही प्लास्टिक बिकना शुरू हो गए।
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