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पैसा तो दिया नहीं, फाड़ दिया पासबुक
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सिकंदरपुर। लॉकडाउन में लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो और बैंकों की भीड़ को डायवर्ट किया जा सके, इसके लिए ग्राहक सेवा केंद्रों पर भी पैसा बांटने की व्यवस्था की गई है। लेकिन सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के रूद्रवार गांव में एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक ने महिला को पैसा तो नहीं दिया, अलबत्ता उसके बार-बार के अनुग्रह से झुंझलाकर उसका पासबुक जरूरी फाड़ दिया। इसके बाद महिला रोती बिलखती घर लौट गई।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह दस बजे स्थानीय थाना क्षेत्र के तिलौली गांव निवासी शिवकुमारी देवी पत्नी रामेश्वर प्रसाद भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र रूद्रवार पर पहुंची। वहां उसने अपना पासबुक केंद्र को संचालक को दिया और पांच सौ रुपये विदड्राल करने को कहा। संचालक ने कहा कि बाहर बैठिए थोड़ी देर बाद खाता चेक कर पैसा देते हैं। वह बाहर बैठ गई और देखते ही देखते दिन के दो बज गए, लेकिन महिला का नंबर नहीं आया। आठ किलोमीटर पैदल चलकर आई महिला का इसके बाद धैर्य जवाब दे गया और वह फिर केंद्र संचालक के पास पहुंच गई और जल्दी खाता चेककर पैसा देने की मांग करने लगी। इससे झुंझलाकर संचालक ने उसका पासबुक लिया और बीच से फाड़कर फेंक दिया, इसके बाद रोती बिलखती महिला वापस लौट गई। इस संबंध में जब केंद्र संचालक आलोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि भीड़ ज्यादा होने की वजह से थोड़ी देर हो गई थी, लेकिन पासबुक फाड़ने का आरोप गलत है।
रुद्रवार भारतीय स्टेट बैंक के केंद्र संचालक द्वारा महिला का पासबुक फाड़े जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी शिकायत है तो मामले की जांच कर केंद्र संचालक के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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शैलेंद्र कुमार, शाखा प्रबंधक, एसबीआई सिकंदरपुर
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मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह दस बजे स्थानीय थाना क्षेत्र के तिलौली गांव निवासी शिवकुमारी देवी पत्नी रामेश्वर प्रसाद भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र रूद्रवार पर पहुंची। वहां उसने अपना पासबुक केंद्र को संचालक को दिया और पांच सौ रुपये विदड्राल करने को कहा। संचालक ने कहा कि बाहर बैठिए थोड़ी देर बाद खाता चेक कर पैसा देते हैं। वह बाहर बैठ गई और देखते ही देखते दिन के दो बज गए, लेकिन महिला का नंबर नहीं आया। आठ किलोमीटर पैदल चलकर आई महिला का इसके बाद धैर्य जवाब दे गया और वह फिर केंद्र संचालक के पास पहुंच गई और जल्दी खाता चेककर पैसा देने की मांग करने लगी। इससे झुंझलाकर संचालक ने उसका पासबुक लिया और बीच से फाड़कर फेंक दिया, इसके बाद रोती बिलखती महिला वापस लौट गई। इस संबंध में जब केंद्र संचालक आलोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि भीड़ ज्यादा होने की वजह से थोड़ी देर हो गई थी, लेकिन पासबुक फाड़ने का आरोप गलत है।
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रुद्रवार भारतीय स्टेट बैंक के केंद्र संचालक द्वारा महिला का पासबुक फाड़े जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसी शिकायत है तो मामले की जांच कर केंद्र संचालक के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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शैलेंद्र कुमार, शाखा प्रबंधक, एसबीआई सिकंदरपुर