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UP Election 2022: भाजपा ने बलिया की चार सीटों से घोषित किए प्रत्याशी, बसपा से आए छट्ठू राम को टिकट, धनंजय को निराशा
Fri, 28 Jan 2022 10:58 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 10:58 PM IST
सार
भाजपा ने बलिया की चार सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। बेल्थरारोड से विधायक धनंजय कन्नौजिया का टिकट काट दिया गया है। उनके स्थान पर बसपा छोड़ कर आए छट्ठू राम को प्रत्याशी बनाया गया है।
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विधायक धनंजय कन्नौजिया को नहीं मिला टिकट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा ने बलिया की चार सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। बेल्थरारोड से विधायक धनंजय कन्नौजिया का टिकट काट दिया गया है। उनके स्थान पर बसपा छोड़ कर आए छट्ठू राम को प्रत्याशी बनाया गया है। फेफना विधानसभा से राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी और सिकंदरपुर से विधायक संजय यादव का टिकट बरकरार रखा गया है।
रसड़ा से बब्बन राजभर को प्रत्याशी बनाया गया है। बब्बन राजभर बसपा से सांसद रह चुके हैं। जनपद की बलिया नगर, बांसडीह और बैरिया विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं होने से अब भी असमंजस की स्थिति बनी है।
सपा के बाद भाजपा ने भी जनपद की चार विधानसभा सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। फेफना विधानसभा से राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी को सपा के संग्राम सिंह यादव टक्कर देंगे। पिछली बार भी दोनों आमने-सामने थे। अभी बसपा प्रत्याशी का चेहरा साफ नहीं हुआ है।
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सिंकदरपुर विधानसभा से भी भाजपा ने विधायक संजय यादव का टिकट बरकरार रखा है। यहां से सपा ने मो. जियाउद्दीन रिजवी का प्रत्याशी बनाया है। पिछले चुनाव में रिजवी को यहां से हार का सामना करना पड़ा था। इस बारे भी संजय यादव और जियाउद्दीन रिजवी आमने सामने होंगे। बसपा ने यहां से संजीव वर्मा को प्रभारी बनाया है।
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रसड़ा से बब्बन राजभर को प्रत्याशी बनाया गया है। बब्बन राजभर बसपा से सांसद रह चुके हैं। जनपद की बलिया नगर, बांसडीह और बैरिया विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं होने से अब भी असमंजस की स्थिति बनी है।
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सपा के बाद भाजपा ने भी जनपद की चार विधानसभा सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। फेफना विधानसभा से राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी को सपा के संग्राम सिंह यादव टक्कर देंगे। पिछली बार भी दोनों आमने-सामने थे। अभी बसपा प्रत्याशी का चेहरा साफ नहीं हुआ है।
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सिंकदरपुर विधानसभा से भी भाजपा ने विधायक संजय यादव का टिकट बरकरार रखा है। यहां से सपा ने मो. जियाउद्दीन रिजवी का प्रत्याशी बनाया है। पिछले चुनाव में रिजवी को यहां से हार का सामना करना पड़ा था। इस बारे भी संजय यादव और जियाउद्दीन रिजवी आमने सामने होंगे। बसपा ने यहां से संजीव वर्मा को प्रभारी बनाया है।
बेल्थरारोड (सुरक्षित) विधानसभा से विधायक धनंजय कन्नौजिया का टिकट कट गया है। हां बसपा छोड़कर आए छट्ठू राम को टिकट दिया गया है। छट्ठू राम बसपा के जिलाध्यक्ष पद के साथ ही कई निगमों में चेयरमैन का पद संभाल चुके हैं।
भाजपा ने लगातार पांचवीं बार उपेन्द्र तिवारी पर विश्वास जताते हुए फेफना से प्रत्याशी घोषित किया है। प्रयाग विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे उपेन्द्र तिवारी ने कोपाचीट से राजनीति शुरू की थी। वर्ष 2002 और 2007 में उन्हें कोपाचीट विस में अंबिका चौधरी से हार का सामना करना पड़ा। 2008 में उन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष बनाया गया। 2012 में उन्होंने अंबिका चौधरी को पराजित किया। 2017 वो दोबारा विधायक बने। मंत्री परिषद में भी जगह मिली।
भाजपा ने लगातार पांचवीं बार उपेन्द्र तिवारी पर विश्वास जताते हुए फेफना से प्रत्याशी घोषित किया है। प्रयाग विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे उपेन्द्र तिवारी ने कोपाचीट से राजनीति शुरू की थी। वर्ष 2002 और 2007 में उन्हें कोपाचीट विस में अंबिका चौधरी से हार का सामना करना पड़ा। 2008 में उन्हें भाजपा जिलाध्यक्ष बनाया गया। 2012 में उन्होंने अंबिका चौधरी को पराजित किया। 2017 वो दोबारा विधायक बने। मंत्री परिषद में भी जगह मिली।
जानिए उम्मीदवारों के बारे में
संजय यादव
देवरिया के कासिली के रहने वाले संजय यादव पहली बार सिकंदरपुर विधानसभा से 2007 में चुनाव लड़े थे। हार मिली थी। सिर्फ 3256 वोट ही मिले थे। भाजपा उस समय पांचवें स्थान पर थी। 2012 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनकी जगह पूर्व एमएलसी सुदामा सिंह को टिकट दे दिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में संजय सिकंदरपुर से विजयी घोषित हुए। 2022 में भी पार्टी ने इन पर भरोसा जताया है।
बब्बन राजभर
बेल्थरारोड विधानसभा के गाजियापुर सेमरी निवासी बब्बन राजभर की शिक्षा इंटरमीडिएट तक है। राजनैतिक सफर की शुरुआत 1984 से बसपा के साथ शुरू किया। 1999 में सलेमपुर लोकसभा से बसपा से चुनाव लड़कर सांसद बने। 2004 में राजभर समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए बसपा को छोड़कर 2004 में सपा का दामन थाम लिया। सपा में भी कार्रवाई नहीं होने पर 2005 में कांग्रेस की सदस्यता ली, 2012 में रसड़ा से कांग्रेस से चुनाव लड़ा। 2014 में पुन: बसपा का दामन थाम लिया। 2019 लोकसभा चुनाव से फिर बसपा छोड़ी। अब भाजपा में हैं।
देवरिया के कासिली के रहने वाले संजय यादव पहली बार सिकंदरपुर विधानसभा से 2007 में चुनाव लड़े थे। हार मिली थी। सिर्फ 3256 वोट ही मिले थे। भाजपा उस समय पांचवें स्थान पर थी। 2012 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनकी जगह पूर्व एमएलसी सुदामा सिंह को टिकट दे दिया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में संजय सिकंदरपुर से विजयी घोषित हुए। 2022 में भी पार्टी ने इन पर भरोसा जताया है।
बब्बन राजभर
बेल्थरारोड विधानसभा के गाजियापुर सेमरी निवासी बब्बन राजभर की शिक्षा इंटरमीडिएट तक है। राजनैतिक सफर की शुरुआत 1984 से बसपा के साथ शुरू किया। 1999 में सलेमपुर लोकसभा से बसपा से चुनाव लड़कर सांसद बने। 2004 में राजभर समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए बसपा को छोड़कर 2004 में सपा का दामन थाम लिया। सपा में भी कार्रवाई नहीं होने पर 2005 में कांग्रेस की सदस्यता ली, 2012 में रसड़ा से कांग्रेस से चुनाव लड़ा। 2014 में पुन: बसपा का दामन थाम लिया। 2019 लोकसभा चुनाव से फिर बसपा छोड़ी। अब भाजपा में हैं।
छट्ठू राम
छट्ठू राम बसपा के जिलाध्यक्ष पद के साथ ही कई निगमों में चेयरमैन का पद संभाल चुके हैं। बसपा संगठन में अन्य पदों पर भी रहे हैं। नवंबर माह में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी। वो बेल्थरारोड विधानसभा से 2012 में बसपा से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उस समय उन्हें 47 हजार मत मिले थे। सपा प्रत्याशी से उन्हें हार मिली थी।