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Ballia News: 54 हजार किसानों के डाटा दुरुस्त करने को जूझ रहा विभाग
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कृषि विभाग अभी भी किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले 54 हजार किसानों को खोज रहा है। तमाम अभियान व प्रयास के बावजूद इन किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं हो सका है।
जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के चार वर्ष बाद भी जिले में सभी लाभार्थी किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं है। जबकि इसको लेकर तमाम कवायद की जा रही है। यह योजना कृषि व राजस्व विभाग के सिस्टम में फंस कर रह गया है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना दिसंबर 2018 में लागू की गई और मार्च 19 में किसानों के खाते में दो हजार रुपये की पहली किस्त भेजी गई। शुरुआत में दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को शामिल करने का प्रावधान किया गया और खतौनी के आधार पर पहली किस्त जारी कर दी गई। हालांकि बाद में केंद्र सरकार ने सभी किसानों को इसमें शामिल करने का प्रावधान कर दिया। इसके बाद भारत सरकार की ओर से सभी किसानों का आधार सत्यापन और खतौनी की मैपिंग कर लैंड सीडिंग करने करने का निर्देश दिया और इसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी। इसके बाद से ही कृषि व राजस्व विभाग की ओर से कवायद की जा रही है। लेकिन अब भी करीब 54 हजार किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं है।
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जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के चार वर्ष बाद भी जिले में सभी लाभार्थी किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं है। जबकि इसको लेकर तमाम कवायद की जा रही है। यह योजना कृषि व राजस्व विभाग के सिस्टम में फंस कर रह गया है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना दिसंबर 2018 में लागू की गई और मार्च 19 में किसानों के खाते में दो हजार रुपये की पहली किस्त भेजी गई। शुरुआत में दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को शामिल करने का प्रावधान किया गया और खतौनी के आधार पर पहली किस्त जारी कर दी गई। हालांकि बाद में केंद्र सरकार ने सभी किसानों को इसमें शामिल करने का प्रावधान कर दिया। इसके बाद भारत सरकार की ओर से सभी किसानों का आधार सत्यापन और खतौनी की मैपिंग कर लैंड सीडिंग करने करने का निर्देश दिया और इसकी जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी। इसके बाद से ही कृषि व राजस्व विभाग की ओर से कवायद की जा रही है। लेकिन अब भी करीब 54 हजार किसानों का डाटा दुरुस्त नहीं है।
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