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Ballia News: भूमिगत केबल बदलने में देरी, ग्रामीणों की चेतावनी
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सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के स्मीप भूमिगत केबल बदलने की मांग को लेकर स्टेशन अधीक्षक को पत्रक सौंपत
बैरिया। सुरेमनपुर पश्चिमी रेलवे केबिन के पास बिजली का भूमिगत केबल बार-बार जलने से सुरेमनपुर रेलवे लाइन के उत्तर स्थित गांवों के एक लाख से अधिक लोग लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं।
नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-4 बैरिया तथा मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के नाम संबोधित ज्ञापन सुरेमनपुर स्टेशन मास्टर दीपक सिंह को सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो रेलवे और बिजली निगम के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह माह से बिजली की भूमिगत केबल बार-बार जलने के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। वहीं अधिशासी अभियंता मूलचंद शर्मा का कहना है कि उन्होंने निर्धारित टोकन शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन डीआरएम को भेज दिया है। अनुमति मिलते ही जो भी अतिरिक्त शुल्क होगा, उसे तत्काल जमा कर दिया जाएगा। उनका आरोप है कि रेलवे प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जबकि क्षेत्र की बड़ी आबादी बिजली संकट से जूझ रही है।
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ज्ञापन सौंपने वालों में नितेश सिंह, धीरज तिवारी, रंजन गुप्ता, हरीश सिंह, राजकुमार यादव समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर भूमिगत केबल बदलने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
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नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड-4 बैरिया तथा मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के नाम संबोधित ज्ञापन सुरेमनपुर स्टेशन मास्टर दीपक सिंह को सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो रेलवे और बिजली निगम के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह माह से बिजली की भूमिगत केबल बार-बार जलने के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। वहीं अधिशासी अभियंता मूलचंद शर्मा का कहना है कि उन्होंने निर्धारित टोकन शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन डीआरएम को भेज दिया है। अनुमति मिलते ही जो भी अतिरिक्त शुल्क होगा, उसे तत्काल जमा कर दिया जाएगा। उनका आरोप है कि रेलवे प्रशासन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जबकि क्षेत्र की बड़ी आबादी बिजली संकट से जूझ रही है।
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ज्ञापन सौंपने वालों में नितेश सिंह, धीरज तिवारी, रंजन गुप्ता, हरीश सिंह, राजकुमार यादव समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर भूमिगत केबल बदलने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।