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'कोई तो मेरी मां को बचा लो...': इलाज के लिए पांच घंटे तक दौड़ती रही बेटी, महिला की मौत; स्ट्रेचर तक नहीं मिला

Sat, 07 Jun 2025 08:17 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 07 Jun 2025 08:17 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित जिला अस्पताल से जुड़ा यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लड़की के अनुसार, वह अपने मां को लेकर दो अस्पतालों में पांच घंटे तक दाैड़ती रही, लेकिन कोई डाॅक्टर उन्हें देखने तक नहीं आया।

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Daughter kept running for five hours for treatment her mother in hospital woman died
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलिया के बैरिया क्षेत्र के लालगंज के किशुनपुरा गांव निवासी गुड़िया अपनी मां को लेकर पांच घंटे से ज्यादा समय तक इलाज के लिए भटकती रहीं, लेकिन समय पर सही इलाज नहीं मिलने से उनकी मौत हो गई।

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गुड़िया का आरोप है कि समय पर सही इलाज नहीं मिलने से मौत हुई है। क्योंकि पहले उन्होंने अपनी मां को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। यहां पर समय से चिकित्सक नहीं आने पर एक निजी अस्पताल ले गईं। वहां से फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन जब तक डॉक्टर पहुंचे तब तक मौत हो चुकी थी।
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बैरिया क्षेत्र के लालगंज के किशुनपुरा गांव निवासी शांति देवी को सांस की परेशानी होने पर उनकी बेटी गुड़िया सुबह नौ बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंची। इमरजेंसी में शनिवार की सुबह भर्ती कराया। लेकिन बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिलने पर हालत और खराब होने लगी।
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चिकित्सक के नहीं आने पर गुड़िया अपनी मां को लेकर शहर के एक निजी अस्पताल में चली गईं। वहां चिकित्सक ने जांच के बाद हालत गंभीर देख फिर से जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

इसके बाद गुड़िया अपनी मां को ई-रिक्शा से लेकर इमरजेंसी पहुंची। अकेली होने के कारण काफी देर तक मां को ई-रिक्शा से नीचे उतारने का इंतजार करती रही, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं आया। कुछ देर बाद जान पहचान का एक युवक आया, उसने स्ट्रेचर लेकर मां को नीचे उतारने का प्रयास किया। लेकिन उनकी हालत देख इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर सुमीर सिंह को बुलाकर चेक कराया। उन्होंने मृत घोषित कर दिया। 

गुड़िया ने अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि सुबह के समय भर्ती कराया था, लेकिन हालत में सुधार होने की जगह खराब होने लगी। बुलाने पर कोई चिकित्सक तक नहीं आए। लापरवाही के कारण दोपहर में प्राइवेट अस्पताल लेकर चली गई। अब मौत हो गई। इस बाबत, सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। पता करने के बाद कुछ बताया जाएगा।

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