मझौवा। देवोत्थान एकादशी सम्पन्न होते ही क्षेत्र में मंगल कार्य आरम्भ हो गया। शादी-विवाह सहित मुंडन कार्यों का शुभारंभ होते ही विभिन्न गंगा घाटों पर मुंडन संस्कार के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो गई। भीड़ के चलते एनएच 31 पर जाम की स्थिति बनी रही।
शुक्रवार को श्रीरामपुर घाट, पचरूखिया, मझौवा, शुक्ल छपरा, गंगापुर घाटों पर मुंडन संस्कार के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों में कोरोना के प्रति भय जरा भी नहीं रहा। घाटों पर कोविड 19 की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती रही। कोरोना से बेखौफ लोग बैंड बाजे और नाच का लुत्फ लेते रहे। उधर, भीड़ का आलम यह रहा कि राष्ट्रीय राज्य मार्ग-31 घंटों भीड़ के कारण जाम लगा रहा। जिसे छुड़वाने में मुकामी पुलिस पूरे दिन परेशान रही। मुंडन संस्कार में शामिल रिश्तेदार चूंकि अलग-अलग स्थानों से आते हैं। ऐसे में संक्रमण से इंकार नहीं किया जा सकता। जिस तरह सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन होता रहा है, उससे साफ जाहिर हैं कि यह खतरे की घंटी है। वहीं, नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाकर नदी पार कर ओहार संपूर्ण कराने का सिलसिला भी जारी रहा। लेकिन स्थानीय प्रशासन मौन बना रहा। विदित हो कि करीब सात-आठ साल पूर्व माह जून में ओझवलिया गंगा घाट पर ओहार कराते वक्त नाव डूब गई थी। जिसमें करीब 60-65 लोगों की डूबने से मौत हो गई थी।