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तीन हत्यारोपियों को उम्रकैद
ballia
Updated Sat, 26 Aug 2017 10:58 PM IST
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हत्या के एक मामले में सुनवाई करते हुए एफटीसी द्वितीय वीर केनेडी लाल की अदालत ने शनिवार को तीन हत्यारोपियों को उम्रकैद तथा दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामला सहतवार कस्बे का है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी मुकदमा विनय पटेल पुत्र सेतुबंधु पटेल निवासी नारायणगढ़ थाना रेवती ने दिनांक दो जून 2009 को सहतवार थाने में तहरीर दी। जिसमें जिक्र किया की मेरे चचेरे भाई की शादी एक जून को ग्राम केवरा थाना बांसडीह में बब्बन पटेल की लड़की के साथ हो रही थी। बैंड बज रहा था और डांस चल रहा था। इसबीच गांव के रास्ते एक मारूति गुजर रही थी। जिस पर हम लोगों ने बाजा और डांस बंद करने की बात कही। लेकिन गांव के तीन-चार लोग कहने लगे की बाजा बंद नहीं होगा और हम लोगों को लात-घूंसे से मारने लगे। हम लोग भी अपने बचाव में हाथापाई किए। उन लोगों ने रात में ही जानमाल की धमकी दी। लेकिन हम लोग चुप रहे। दूसरे दिन सुबह बारात विदा होने के बाद बृजेश और मंटू उर्फ लोकपति एक मोटर साइिकल से ग्राम केवरा से निकले। रास्ते में ग्राम सुरहियां सहतवार के पास पहुंचते-पहुंचते चार लोग ओवरटेक करके दोनों को रोक लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जिससे बृजेश को गोली लग गई। जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में पुलिस ने अखिलेश तिवारी, रणजीत गुप्त, अवधेश राय, रीशु पटेल के खिलाफ धारा 302/34, 323/34 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। इस मामले में रीशु पटेल नाबालिग होने के कारण कोर्ट ने पत्रावली पृथक कर दी तथा बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू की। इसके बाद शनिवार को तीन हत्यारोपियों के विरूद्ध सुनवाई करते हुए मामले की न्यायिक परिसीलन कर तीनों को दोषी पाया।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी मुकदमा विनय पटेल पुत्र सेतुबंधु पटेल निवासी नारायणगढ़ थाना रेवती ने दिनांक दो जून 2009 को सहतवार थाने में तहरीर दी। जिसमें जिक्र किया की मेरे चचेरे भाई की शादी एक जून को ग्राम केवरा थाना बांसडीह में बब्बन पटेल की लड़की के साथ हो रही थी। बैंड बज रहा था और डांस चल रहा था। इसबीच गांव के रास्ते एक मारूति गुजर रही थी। जिस पर हम लोगों ने बाजा और डांस बंद करने की बात कही। लेकिन गांव के तीन-चार लोग कहने लगे की बाजा बंद नहीं होगा और हम लोगों को लात-घूंसे से मारने लगे। हम लोग भी अपने बचाव में हाथापाई किए। उन लोगों ने रात में ही जानमाल की धमकी दी। लेकिन हम लोग चुप रहे। दूसरे दिन सुबह बारात विदा होने के बाद बृजेश और मंटू उर्फ लोकपति एक मोटर साइिकल से ग्राम केवरा से निकले। रास्ते में ग्राम सुरहियां सहतवार के पास पहुंचते-पहुंचते चार लोग ओवरटेक करके दोनों को रोक लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जिससे बृजेश को गोली लग गई। जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
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इस मामले में पुलिस ने अखिलेश तिवारी, रणजीत गुप्त, अवधेश राय, रीशु पटेल के खिलाफ धारा 302/34, 323/34 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। इस मामले में रीशु पटेल नाबालिग होने के कारण कोर्ट ने पत्रावली पृथक कर दी तथा बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू की। इसके बाद शनिवार को तीन हत्यारोपियों के विरूद्ध सुनवाई करते हुए मामले की न्यायिक परिसीलन कर तीनों को दोषी पाया।
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