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शव को लेने के लिए की छीनाझपटी
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Sat, 31 Oct 2015 11:41 PM IST
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अपने मां-बाप की पांच संतानों में सबसे छोटी पांच वर्षीय सुंदरी की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में हैं। मृतका की मां की रोते-रोते हालत खराब है, वह बार-बार यह कह रही थी कि काश!
उसकी बेटी चाय के लिए दूकान पर नहीं गई होती, तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। जबकि पिता को इस बात का गहरा दु:ख पहुंचा है कि बेटी की मौत के बाद उसके शव को लेने के लिए पुलिस ने छीना-झपटी तक की।
रोती-बिलखती मां और परिवार वालों को ढांढ़स बंधाने के लिए घर पर शुभचिंतकों का जमावड़ा पूरे दिन लगा रहा।
सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के चकखान निवासी एकबाल (बूचन) की पांच वर्षीय पुत्री सुंदरी (राधिया) शनिवार की सुबह सिकंदरपुर कस्बा स्थित एक चाय की दूकान पर चाय लेने के लिए गई थी।
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चाय लेने जाते समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि उसकी सड़क हादसे में मौत हो जाएगी। सड़क हादसे में मौत की खबर मिलते ही मृतक बालिका के परिवार के लोग सन्न रह गए। मां आसमा यह कह-कह कर दहाड़े मार रोने लगी कि काश! उसे चाय लेने के लिए नहीं जाने दिया होता।
मृतका के पिता सहित पूरा परिवार किसी तरह मजदूरी कर अपना जीवन निर्वाह करता है। मृतक बालिका का सबसे बड़ा एक भाई रिजवान (नौ) और एहसान (सात वर्ष) का है।
दोनों गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। शनिवार की सुबह घर के लोगों को चाय पीने की इच्छा हुई तो छोटी बच्ची को चाय के लिए दूकान पर भेज दिया। बच्ची चाय की दूकान पर चाय के लिए अभी खड़ी थी। इसी बीच बेल्थरारोड की ओर से आ रहे वाहन ने ओवर टेक करने के चक्कर में उसे रौंद दिया।
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उसकी बेटी चाय के लिए दूकान पर नहीं गई होती, तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। जबकि पिता को इस बात का गहरा दु:ख पहुंचा है कि बेटी की मौत के बाद उसके शव को लेने के लिए पुलिस ने छीना-झपटी तक की।
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रोती-बिलखती मां और परिवार वालों को ढांढ़स बंधाने के लिए घर पर शुभचिंतकों का जमावड़ा पूरे दिन लगा रहा।
सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के चकखान निवासी एकबाल (बूचन) की पांच वर्षीय पुत्री सुंदरी (राधिया) शनिवार की सुबह सिकंदरपुर कस्बा स्थित एक चाय की दूकान पर चाय लेने के लिए गई थी।
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चाय लेने जाते समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि उसकी सड़क हादसे में मौत हो जाएगी। सड़क हादसे में मौत की खबर मिलते ही मृतक बालिका के परिवार के लोग सन्न रह गए। मां आसमा यह कह-कह कर दहाड़े मार रोने लगी कि काश! उसे चाय लेने के लिए नहीं जाने दिया होता।
मृतका के पिता सहित पूरा परिवार किसी तरह मजदूरी कर अपना जीवन निर्वाह करता है। मृतक बालिका का सबसे बड़ा एक भाई रिजवान (नौ) और एहसान (सात वर्ष) का है।
दोनों गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। शनिवार की सुबह घर के लोगों को चाय पीने की इच्छा हुई तो छोटी बच्ची को चाय के लिए दूकान पर भेज दिया। बच्ची चाय की दूकान पर चाय के लिए अभी खड़ी थी। इसी बीच बेल्थरारोड की ओर से आ रहे वाहन ने ओवर टेक करने के चक्कर में उसे रौंद दिया।