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पीएम आवास के डाटा फीडिंग में धांधली
Updated Thu, 23 Nov 2017 12:30 AM IST
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बांसडीहरोड। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत दर्जनों गावों में विभाग द्वारा डाटा फीडिंग करने के नाम पर धांधली की गई है। अधिकांश गांव में महिला लाभार्थियों के नाम के आगे मुखिया का नाम न देकर किसी अन्य व्यक्ति का नाम फीड किया गया है। नतीजतन, लाभार्थी पीएम आवास से वंचित हो रहे।
सूत्रों की माने तो कई लाभार्थियों को आवास बनाने की पहली किस्त 40 हजार रुपये मिली है। जिसमें से बिचौलियों के माध्यम से 10 से 20 हजार रुपये कई प्रधान एवं सेकेट्री ने लिया है। जबकि इन लोगों ने गरीब परिवार के लोगों को आवास नहीं देकर एक ही परिवार के दो से तीन लोगों को आवास दे दिया है। कई लाभार्थी अभी भी दूसरी क़िस्त के अभाव में झोपड़ी में रहने को विवश हैं। विकास खंड दुबहर अंतर्गत 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए शासन ने प्रति लाभार्थी को एक लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत किया। दर्जनों लाभार्थियों को आवास का 40 हजार रुपये मिल गया है। उनका आरोप है कि पहली क़िस्त में प्रधान एवं सचिव ने बिचौलियों के माध्यम से 10 से 20 हजार रुपया आवास बनवाने के नाम पर ले लिया है। वहीं एक परिवार में पिता-पुत्र के नाम से भी आवास दिया गया है। जिसको लेकर क्षेत्र के जितेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, शिवजी प्रसाद आदि ने विभागीय अधिकारियों को पत्रक देकर आवास आवंटित में हुई धांधली को लेकर जांच कराने की मांग की है।
बीडीओ राजेश राय ने बताया कि कोई अगर बिचौलियों को आवास बनाने का पैसा देता है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। कहा कि आवास के नाम पर कहीं कोई पैसा नहीं लगता है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच कर सम्बंधित के विरूद्ध कारवाई की जाएगी।
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सूत्रों की माने तो कई लाभार्थियों को आवास बनाने की पहली किस्त 40 हजार रुपये मिली है। जिसमें से बिचौलियों के माध्यम से 10 से 20 हजार रुपये कई प्रधान एवं सेकेट्री ने लिया है। जबकि इन लोगों ने गरीब परिवार के लोगों को आवास नहीं देकर एक ही परिवार के दो से तीन लोगों को आवास दे दिया है। कई लाभार्थी अभी भी दूसरी क़िस्त के अभाव में झोपड़ी में रहने को विवश हैं। विकास खंड दुबहर अंतर्गत 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए शासन ने प्रति लाभार्थी को एक लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत किया। दर्जनों लाभार्थियों को आवास का 40 हजार रुपये मिल गया है। उनका आरोप है कि पहली क़िस्त में प्रधान एवं सचिव ने बिचौलियों के माध्यम से 10 से 20 हजार रुपया आवास बनवाने के नाम पर ले लिया है। वहीं एक परिवार में पिता-पुत्र के नाम से भी आवास दिया गया है। जिसको लेकर क्षेत्र के जितेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, शिवजी प्रसाद आदि ने विभागीय अधिकारियों को पत्रक देकर आवास आवंटित में हुई धांधली को लेकर जांच कराने की मांग की है।
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बीडीओ राजेश राय ने बताया कि कोई अगर बिचौलियों को आवास बनाने का पैसा देता है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। कहा कि आवास के नाम पर कहीं कोई पैसा नहीं लगता है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच कर सम्बंधित के विरूद्ध कारवाई की जाएगी।
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