{"_id":"5c3248c1bdec2256b86d782e","slug":"51546799297-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तस्करी पर नजर रखने को लगे कैमरे बने शोपीस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तस्करी पर नजर रखने को लगे कैमरे बने शोपीस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। सीमावर्ती इलाकों से होने वाली तस्करी पर नजर रखने के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे शोपीस बने हुए हैं। तस्करी के लिए कुख्यात नरही थाना के भरौली चौराहे पर तीन कैमरे लगाए गए हैं लेकिन इनके मुंह बिहार की ओर न होकर दूसरी तरफ हैं। इसका भरपूर फायदा माफिया उठाते हैं। यही हाल अन्य सीमावर्ती इलाकों का भी है।
सीमावर्ती इलाकों से तस्करी रोकने के लिए शासन के निर्देश पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। इसके तहत करीब डेढ़ साल पहले तस्करी के लिए कुख्यात नरहीं थाना के भरौली चौराहे पर स्थित पुलिस पिकेट पर और बैरिया थाना के चांददियर चौराहा पर करीब डेढ़ साल पहले दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। लेकिन इसके बावजूद इन क्षेत्रों से होने वाली तस्करी पर लगाम नहीं लगा। भरौली के पुलिस पिकेट पर लगे कैमरे को लेकर क्षेत्र के विधायक व राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी कवायद की थी। ताकि तस्करी पर लगाम लगाने में आसानी हो सके। प्रावधान किया गया कि दोनों कैमरों को इस कदर लगाया जाएगा कि गाजीपुर व बलिया की ओर से आने वाले वाहन बिहार को जाते समय कैमरे में कैद हो जाएं। लेकिन यह कवायद भी रंग नहीं ला सकी। इसके बाद राज्य मंत्री के निर्देश पर एक और सीसीटीवी कैमरा लगवाया गया और उनकी ओर से समय-समय पर क्षेत्र भ्रमण के दौरान निर्देेश भी दिए गए लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुुआ। सूत्रों की मानें तो कैमरे का एंगल गलत दिशा की ओर से रखा गया है जिसके चलते बिहार की ओर आने-जाने वाले वाहनों को कैद नहीं कर पा रहा है। यही कारण है कि बेखौफ होकर माफिया दो तरफा तस्करी का धंधा करते हैं। इसी तरह बैरिया क्षेत्र के चांददियर चौराहे पर भी दो सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए ताकि सीमावर्ती इलाकों से होने वाली तस्करी पर नजर रखी जा सके लेकिन यहां के कैमरे के भी एंगल सही नहीं रखे गए हैं। हैरानी की बात है इन कैमरों के रिकार्ड की भी आज तक किसी पुलिस अफसर की ओर से पड़ताल नहीं की गई है।
विज्ञापन
सीमावर्ती इलाकों से तस्करी रोकने के लिए शासन के निर्देश पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। इसके तहत करीब डेढ़ साल पहले तस्करी के लिए कुख्यात नरहीं थाना के भरौली चौराहे पर स्थित पुलिस पिकेट पर और बैरिया थाना के चांददियर चौराहा पर करीब डेढ़ साल पहले दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। लेकिन इसके बावजूद इन क्षेत्रों से होने वाली तस्करी पर लगाम नहीं लगा। भरौली के पुलिस पिकेट पर लगे कैमरे को लेकर क्षेत्र के विधायक व राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी कवायद की थी। ताकि तस्करी पर लगाम लगाने में आसानी हो सके। प्रावधान किया गया कि दोनों कैमरों को इस कदर लगाया जाएगा कि गाजीपुर व बलिया की ओर से आने वाले वाहन बिहार को जाते समय कैमरे में कैद हो जाएं। लेकिन यह कवायद भी रंग नहीं ला सकी। इसके बाद राज्य मंत्री के निर्देश पर एक और सीसीटीवी कैमरा लगवाया गया और उनकी ओर से समय-समय पर क्षेत्र भ्रमण के दौरान निर्देेश भी दिए गए लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुुआ। सूत्रों की मानें तो कैमरे का एंगल गलत दिशा की ओर से रखा गया है जिसके चलते बिहार की ओर आने-जाने वाले वाहनों को कैद नहीं कर पा रहा है। यही कारण है कि बेखौफ होकर माफिया दो तरफा तस्करी का धंधा करते हैं। इसी तरह बैरिया क्षेत्र के चांददियर चौराहे पर भी दो सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए ताकि सीमावर्ती इलाकों से होने वाली तस्करी पर नजर रखी जा सके लेकिन यहां के कैमरे के भी एंगल सही नहीं रखे गए हैं। हैरानी की बात है इन कैमरों के रिकार्ड की भी आज तक किसी पुलिस अफसर की ओर से पड़ताल नहीं की गई है।
विज्ञापन