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फालोअप :अगस्त माह में लूट, चोरी, हत्या व आत्महत्या की 32 घटनाएं
Updated Fri, 29 Sep 2017 10:11 PM IST
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बलिया। जिले में आपराधिक घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कारण कि चोरी, हत्या और लूट की वारदातों को बदमाश आसानी से अंजाम देकर फरार हो जा रहे हैं। हालांकि कुछ घटनाओं में पुलिस खुलासा कर अधिकारियों से अपनी पीठ थपथपा लेती है। लेकिन, धरातल पर कुछ और ही देखने को मिल रहा है। विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो पिछले माह में लूट, छिनैती, चोरी, हत्या व आत्महत्या की कुल 32 घटनाएं घटित हुई। इसमें से पुलिस ने नौ घटनाओं का ही खुलासा कर चुकी है। शेष अभी अधर में लटका हुआ है।
प्रदेश सरकार चोरी, लूट, छिनैती, हत्या व आत्महत्या जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कटिबद्ध है। लेकिन पुलिस उदासीनता के कारण बदमाश लूट, छिनैती, चोरी, हत्या जैसी जघन्य घटनाओं को आसानी से अंजाम देकर भागने में सफल हो जा रहे हैं। वहीं पुलिस हाथ पर धरे हाथ बैठी रह जा रही है। जिसके चलते बदमाशों का हौसले बुलंद है। विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो अगस्त माह में चोरी, लूट, छिनैती, हत्या और आत्महत्या की कुल 32 घटनाएं घटित हुई। जिसमें चोरी, लूट व छिनैती की 20 तथा हत्या व आत्महत्या की 12 घटनाएं घटित हुई है। इसमें से पुलिस ने नौ मामले का खुलासा कर अधिकारियों से पीठ थपथाने का काम किया है। जबकि शेष मामले आज भी पेंडिग में पड़े हुए है। कारण कि पुलिस इन मामलों में उदासीन बनी हुई है।
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प्रदेश सरकार चोरी, लूट, छिनैती, हत्या व आत्महत्या जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कटिबद्ध है। लेकिन पुलिस उदासीनता के कारण बदमाश लूट, छिनैती, चोरी, हत्या जैसी जघन्य घटनाओं को आसानी से अंजाम देकर भागने में सफल हो जा रहे हैं। वहीं पुलिस हाथ पर धरे हाथ बैठी रह जा रही है। जिसके चलते बदमाशों का हौसले बुलंद है। विभागीय आकड़ों पर गौर करें तो अगस्त माह में चोरी, लूट, छिनैती, हत्या और आत्महत्या की कुल 32 घटनाएं घटित हुई। जिसमें चोरी, लूट व छिनैती की 20 तथा हत्या व आत्महत्या की 12 घटनाएं घटित हुई है। इसमें से पुलिस ने नौ मामले का खुलासा कर अधिकारियों से पीठ थपथाने का काम किया है। जबकि शेष मामले आज भी पेंडिग में पड़े हुए है। कारण कि पुलिस इन मामलों में उदासीन बनी हुई है।
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