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सीमावर्ती इलाका बना शराब और लाल बालू के आयात-निर्यात का अड्डा
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:01 PM IST
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बैरिया। यूपी-बिहार के सीमावर्ती इलाका अवैध शराब, पशुओं व लाल बालू के आयात-निर्यात का अड्डा बन गया है। यूपी सीमा से बिहार में पशुओं की तस्करी व अवैध शराब का निर्यात किया जाता है । वहीं दूसरी तरफ बिहार से यूपी में लाल बालू की तस्करी धड़ल्ले से जारी है। पुलिस समय-समय पर कार्रवाई भी करती है। लेकिन पुलिसिया कार्रवाई तस्करों का आगे बौना साबित हो रही है। ऐसे में यह गोरखधंधा पुलिस प्रशासन के लिए रोक पाना एक बड़ी चुनौती है।
बैरिया तहसील क्षेत्र बिहार के जिला सारण, सीवान व आरा जिला के सीमा से लगा हुआ है, ऐसे में अपराधी व अवैध कारोबारी मांझी जयप्रभा सेतु के अलावे गंगा व घाघरा नदी मार्ग से अपने कारोबार को अंजाम देते हैं। शराब तस्करों के लिए जहां जल मार्ग सबसे मुफीद बन गया है। वहीं पशु तस्करों के लिए जयाप्रभा सेतु सबसे सेफ जोन बन गया है। बिहार के सारण जिला के सीमावर्ती इलाका मांझी, डूमाईगढ़ घाट, शिशवन घाट , सिवान जिला के सीमावर्ती इलाका सिताबदियारा, भवन टोला। वहीं आरा जिला के सीमावर्ती इलाका कोड़रहा, दलनछपरा, दोकटी, शिवपुर, नौरंगा, उदईछपरा आदि गंगा व घाघरा नदी के घाटों से नाव के द्वारा पशुओं व अवैध शराब को बिहार में निर्यात किया जाता है। जबकि इन्ही घाटों से लाल बालू का आयात किया जाता है। सूत्र बताते हैं कि अगर रेवती, बैरिया, दोकटी व चांददीयर चौकी के पुलिस इन अवैध धंधों को बंद करने की ठान लें तो यह सब कारोबार बन्द हो सकता है। लेकिन अब तक इस पर नकेल कसने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में अब भी बरोक-टोक तस्करी का धंधा फल-फूल रहा है।
कोट
जब भी किसी प्रकार की तस्करी की सूचना मिलती है। पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है। तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया है। उनके द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी
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उमेश कुमार, सीओ बैरिया
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बैरिया तहसील क्षेत्र बिहार के जिला सारण, सीवान व आरा जिला के सीमा से लगा हुआ है, ऐसे में अपराधी व अवैध कारोबारी मांझी जयप्रभा सेतु के अलावे गंगा व घाघरा नदी मार्ग से अपने कारोबार को अंजाम देते हैं। शराब तस्करों के लिए जहां जल मार्ग सबसे मुफीद बन गया है। वहीं पशु तस्करों के लिए जयाप्रभा सेतु सबसे सेफ जोन बन गया है। बिहार के सारण जिला के सीमावर्ती इलाका मांझी, डूमाईगढ़ घाट, शिशवन घाट , सिवान जिला के सीमावर्ती इलाका सिताबदियारा, भवन टोला। वहीं आरा जिला के सीमावर्ती इलाका कोड़रहा, दलनछपरा, दोकटी, शिवपुर, नौरंगा, उदईछपरा आदि गंगा व घाघरा नदी के घाटों से नाव के द्वारा पशुओं व अवैध शराब को बिहार में निर्यात किया जाता है। जबकि इन्ही घाटों से लाल बालू का आयात किया जाता है। सूत्र बताते हैं कि अगर रेवती, बैरिया, दोकटी व चांददीयर चौकी के पुलिस इन अवैध धंधों को बंद करने की ठान लें तो यह सब कारोबार बन्द हो सकता है। लेकिन अब तक इस पर नकेल कसने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में अब भी बरोक-टोक तस्करी का धंधा फल-फूल रहा है।
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कोट
जब भी किसी प्रकार की तस्करी की सूचना मिलती है। पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है। तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया है। उनके द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी
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उमेश कुमार, सीओ बैरिया