{"_id":"596268ce4f1c1bc43d8b4655","slug":"11499621582-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाल बालू की तस्करी रोकने में सरकार भी लाचार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लाल बालू की तस्करी रोकने में सरकार भी लाचार
Updated Sun, 09 Jul 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। लाल बालू की तस्करी के कुख्यात नरहीं थाना क्षेत्र के भरौली प्रांतीय सीमा पर कार्रवाई करने में ‘सरकार’ पूरी तरह फेल है। विभाग के राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ को हर हाल में जहां तस्करी रोकने का निर्देश दिया, वहीं दूसरी ओर सीमा पर मौजूद वनकर्मियों की मिलीभगत से बालू लदे वाहनों का आना पूरी रात जारी रहा।
बीते 35 दिनों में जब-जब अमर उजाला ने खुलासा किया तब-तब डीएफओ की ओर से कार्रवाई तो की गई लेकिन प्रांतीय सीमा पर वनकर्मियों की मिलीभगत से हो रही लाल बालू की तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी। शनिवार को देरशाम वन विभाग के राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी ने समाचार पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए दावा किया कि हर हाल में सीमा पर हो रहे इस काले धंधे पर लगाम लगेगी। मौके पर मौजूद डीएफओ को वाहनों को चिह्नित कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का भी निर्देश दिया। लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं शुरु की गई, लिहाजा पूरी रात लाल बालू लदे वाहनों के आने का सिलसिला चलता रहा। डीएफओ की ओर से दावा किया गया कि नए रेंजर की तैनाती सीमा पर की गई जो पूरी रात कैम्प करेंगे और ऐसा हुआ भी लेकिन अवैध कारोबार नहीं रुका। आलम यह है कि शाम होते ही भरौली गंगा पुल गुलजार हो जा रहा है और पूरी रात धड़ल्ले से लाल बालू का अवैध कारोबार वनकर्मियों की मिलीभगत से चलता रहता है। विभागीय राज्यमंत्री के निर्देश पर भी अवैध कारोबार नहीं रुकने से यह प्रदर्शित हो रहा है कि तस्करों को कानून का डर नहीं है।
इनसेट...
पुल बंद होने के कारण बिहार से लाल बालू का आवक पूरी तरह अवैध है, ऐसे वाहनों को सीज कर कार्रर्वाई का निर्देश दिया गया है। इसके लिए नए रेंजर की तैनाती की गई है। मामले की पड़ताल कराकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
राम अवतार सिंह
डीएफओ, बलिया
विज्ञापन
बीते 35 दिनों में जब-जब अमर उजाला ने खुलासा किया तब-तब डीएफओ की ओर से कार्रवाई तो की गई लेकिन प्रांतीय सीमा पर वनकर्मियों की मिलीभगत से हो रही लाल बालू की तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी। शनिवार को देरशाम वन विभाग के राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी ने समाचार पत्र प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए दावा किया कि हर हाल में सीमा पर हो रहे इस काले धंधे पर लगाम लगेगी। मौके पर मौजूद डीएफओ को वाहनों को चिह्नित कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का भी निर्देश दिया। लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं शुरु की गई, लिहाजा पूरी रात लाल बालू लदे वाहनों के आने का सिलसिला चलता रहा। डीएफओ की ओर से दावा किया गया कि नए रेंजर की तैनाती सीमा पर की गई जो पूरी रात कैम्प करेंगे और ऐसा हुआ भी लेकिन अवैध कारोबार नहीं रुका। आलम यह है कि शाम होते ही भरौली गंगा पुल गुलजार हो जा रहा है और पूरी रात धड़ल्ले से लाल बालू का अवैध कारोबार वनकर्मियों की मिलीभगत से चलता रहता है। विभागीय राज्यमंत्री के निर्देश पर भी अवैध कारोबार नहीं रुकने से यह प्रदर्शित हो रहा है कि तस्करों को कानून का डर नहीं है।
विज्ञापन
इनसेट...
पुल बंद होने के कारण बिहार से लाल बालू का आवक पूरी तरह अवैध है, ऐसे वाहनों को सीज कर कार्रर्वाई का निर्देश दिया गया है। इसके लिए नए रेंजर की तैनाती की गई है। मामले की पड़ताल कराकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
राम अवतार सिंह
डीएफओ, बलिया