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अपहृत बालक सुरक्षित पहुंचा घर, परिजनों में खुशी
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:39 PM IST
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दुबहर/बलिया। कोतवाली क्षेत्र के सहोदरा गोपालपुर गांव निवासी मनोज साहनी का 14 वर्षीय पुत्र अंकित साहनी अपहरण के बाद बदमाशों के चंगुल से भागकर सुरक्षित घर वापस लौट आया है। विगत चार अक्तूबर को प्रात: करीब आठ बजे आर्य समाज रोड में पहले से बोलेरो में घात लगाकर बैठे बदमाशों ने अपहरण कर लिया और उसे बेहोशी की दवा सुंघाकर फरार हो गए। अंकित के पिता ने कोतवाली में तहरीर दी, जहां पुलिस ने अगले दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज किया।
बताया जाता है कि अंकित प्रात: आठ बजे अपने घर से जगदीशपुर मुहल्ला स्थित गुप्ता कोचिंग पढ़ने जा रहा था। जैसे ही आटो से उतरकर आर्यसमाज रोड पर पैदल पहुंचा कि बदमाशों ने पहले से घात लगाकर बोलेरो में बैठे बदमाशों ने झटके से अपहरण कर लिया और बेहोशी की दवा सूंघाकर फरार हो गए। उधर, बनारस में गाड़ियों की चेकिंग के दौरान सभी बदमाश गाड़ी छोड़कर इधर-उधर घूमने लगे। इसी बीच अंकित को होश आ गया और वह गाड़ी से निकल कर भाग गया। किसी तरह वह भागकर कहीं छपकर रात गुजारा और पांच अक्तूबर की सुबह बनारस स्टेशन पर पहुंचा, जहां लखनऊ-छपरा ट्रेन में बैठ गया। लेकिन टिकट न होने के कारण वह फेफना स्टेशन पर उतर गया और वहां से पैदल ही अपने सहोदरा गांव रात आठ बजे पहुंचा और परिवार के लोगों को आपबीती बताई। जिसे सुन परिवार के सदस्य अवाक रह गए।
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बताया जाता है कि अंकित प्रात: आठ बजे अपने घर से जगदीशपुर मुहल्ला स्थित गुप्ता कोचिंग पढ़ने जा रहा था। जैसे ही आटो से उतरकर आर्यसमाज रोड पर पैदल पहुंचा कि बदमाशों ने पहले से घात लगाकर बोलेरो में बैठे बदमाशों ने झटके से अपहरण कर लिया और बेहोशी की दवा सूंघाकर फरार हो गए। उधर, बनारस में गाड़ियों की चेकिंग के दौरान सभी बदमाश गाड़ी छोड़कर इधर-उधर घूमने लगे। इसी बीच अंकित को होश आ गया और वह गाड़ी से निकल कर भाग गया। किसी तरह वह भागकर कहीं छपकर रात गुजारा और पांच अक्तूबर की सुबह बनारस स्टेशन पर पहुंचा, जहां लखनऊ-छपरा ट्रेन में बैठ गया। लेकिन टिकट न होने के कारण वह फेफना स्टेशन पर उतर गया और वहां से पैदल ही अपने सहोदरा गांव रात आठ बजे पहुंचा और परिवार के लोगों को आपबीती बताई। जिसे सुन परिवार के सदस्य अवाक रह गए।
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