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मतगणना कर्मियों ने किया हंगामा
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Mon, 02 Nov 2015 12:13 AM IST
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क्षेत्र के ललिता देवी इंटर कालेज चिलकहर मतदान केंद्र पर दोपहर में अव्यवस्था को लेकर मतदानकर्मियों ने जमकर बवाल काटा। मानदेय, पानी और नाश्ते को लेकर उन्होंने आधा घंटे तक मतगणना का काम रोके रखा।
बाद में पुलिस- प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर उन्होंने समस्या से अवगत कराया। अधिकारियों ने उन्हें समझाबुझाया तब जाकर उन्होंने मतगणना का काम शुरू किया।
सुबह मतगणना शुरू हुई तो सब ठीक रहा। लेकिन जैसे-जैसे दोपहर होती गई मतगणनाकर्मियों का धैर्य जवाब देने लगा। कारण था इन मतदान केंद्रों पर न तो पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही नाश्ते वगैरह की।
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जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो उन्होंने नारेबाजी करते हुए मतगणना का काम रोक दिया। जिससे वहा थोड़ी देर की लिए हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।
मतगणना रुकने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में एसडीएम रामानुज सिंह और सीओ सदर लालबहादुर यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने मतगणनाकर्मियों को समझाया बुझाया। तब जाकर वह माने।
उनका कहना था कि प्रशासन ने मानदेय जल्दी दिए जाने काे कहा था। लेकिन अधिकारी तथा कर्मचारी इसमें लापरवाही कर रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाद में मतगणना केंद्र पर कर्मियों को नाश्ता पहुंचाया गया और उनके मानदेय की व्यवस्था की गई। तब जाकर मामला शांत हुआ।
उधर, मतगणना रोक दिए जाने से प्रत्याशियों के सर्मथकों में भी बेचैनी फैल गई। बाहर काफी संख्या में मौजूद लोगों ने प्रत्याशियों को भी सूचना दे दी।
जिस पर उन्होंने भी अपने स्तर से अधिकारियों को अवगत कराया।
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बाद में पुलिस- प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने पर उन्होंने समस्या से अवगत कराया। अधिकारियों ने उन्हें समझाबुझाया तब जाकर उन्होंने मतगणना का काम शुरू किया।
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सुबह मतगणना शुरू हुई तो सब ठीक रहा। लेकिन जैसे-जैसे दोपहर होती गई मतगणनाकर्मियों का धैर्य जवाब देने लगा। कारण था इन मतदान केंद्रों पर न तो पीने के पानी की व्यवस्था थी और न ही नाश्ते वगैरह की।
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जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो उन्होंने नारेबाजी करते हुए मतगणना का काम रोक दिया। जिससे वहा थोड़ी देर की लिए हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।
मतगणना रुकने की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में एसडीएम रामानुज सिंह और सीओ सदर लालबहादुर यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने मतगणनाकर्मियों को समझाया बुझाया। तब जाकर वह माने।
उनका कहना था कि प्रशासन ने मानदेय जल्दी दिए जाने काे कहा था। लेकिन अधिकारी तथा कर्मचारी इसमें लापरवाही कर रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाद में मतगणना केंद्र पर कर्मियों को नाश्ता पहुंचाया गया और उनके मानदेय की व्यवस्था की गई। तब जाकर मामला शांत हुआ।
उधर, मतगणना रोक दिए जाने से प्रत्याशियों के सर्मथकों में भी बेचैनी फैल गई। बाहर काफी संख्या में मौजूद लोगों ने प्रत्याशियों को भी सूचना दे दी।
जिस पर उन्होंने भी अपने स्तर से अधिकारियों को अवगत कराया।