कोरोना पॉजिटिव की लाश उतार दिया गलत एड्रेस पर, परिजनों ने अपना समझ कर दिया शव का अंतिम संस्कार
कोरोना संक्रमण काल में सबकी आंखों का तारा बना स्वास्थ्य विभाग अब भी ऐसे खेल कर दे रहा है कि अधिकारियों को जवाब देते नहीं बन रहा और आम लोगों के सामने अजीब सी समस्या खड़ी हो जा रही है। मंगलवार को बलिया जिले में एंबुलेंस कर्मचारियों की गलती का नतीजा ये हुआ कि कोरोना पॉजिटिव महिला का शव ही गलत जगह पर उतार दिया।
हद तो ये कि शव को एक स्थान पर परिवार वालों ने अपना समझकर अंतिम संस्कार भी कर दिया। जबकि उस महिला के परिजन शव लेने जिला अस्पताल पहुंचे तो पता चला जो शव बलिया पहुंचा है उसे तो फेफना में ही उतार दिया गया है।
अब ये लोग दूसरा शव लेने को तैयार नहीं हैं और जो दूसरी महिला के शव का अंतिम संस्कार कर चुके हैं, उन्हें भी पता नहीं है कि उन्होंने किसी और का अंतिम संस्कार कर दिया है। मामले की जानकारी के बाद उच्चाधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।
ये है पूरा मामला
जिले के नगरा थाना क्षेत्र के सरया गुलाब राय निवासी श्री कृष्ण ने बताया कि उसकी 65 वर्षीया पत्नी शुभावती को तबीयत खराब होने पर बीते एक अगस्त को नगरा स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। सरकारी अस्पताल के चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
इसके बाद जिला अस्पताल के चिकित्सक ने कोविड-19 से संक्रमित होने व हालत गम्भीर होने पर आजमगढ़ रेफर कर दिया। आजमगढ़ में दो अगस्त की शाम को उसकी मौत हो गई। परिजन जब मेडिकल कालेज आजमगढ़ पहुंचे तो चिकित्सकों ने यह कहते हुए शव देने से इन्कार कर दिया कि शव बलिया से ही मिलेगा। एक और महिला का शव बलिया जाना है। दोनों शव एक ही साथ बलिया जायेगा।
एक ही एंबुलेंस से बलिया भेजा
मृतका के पति ने बताया कि दोनों शव एक ही एम्बुलेंस से बलिया भेजा गया। एक शव को फेफना के पास उतार दिया गया। हमें जो शव दिया जा रहा था, वह किसी अन्य 40 साल की महिला का है। शव पर दूसरी महिला का नाम भी लिखा था। परिजन मामले में स्वास्थ्य व पुलिस अधिकारियों की परिक्रमा कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मदद करने की बजाय उनपर ही आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। उनके द्वारा कोई सहयोग करने से इंकार किया जा रहा है।
आजमगढ़ से दूसरी महिला का शव भेजे जाने के मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. जीपी चौधरी, प्रभारी, मुख्य चिकित्साधिकारी