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कटहल नाले से जलकुंभी सफाई के लिए प्रधानों से मांगा सहयोग
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नगर के विजयीपुर स्थित कटहल नाला का निरीक्षण करती जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल।
- फोटो : BALLIA
बलिया। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में कटहल नाले के किनारे की ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ बैठक नाले की सफाई में सहयोग मांगा। जलकुंभी के कारण नालों की सफाई ठीक से नहीं हो पा रही है। उन्होंने प्रधानों से कहा कि चार मशीनें लगाकर सफाई की जा रही है लेकिन जलकुंभी बाधा है। उससे खाद बनाई जा सकती है।
सीडीओ प्रवीण वर्मा ने बताया कि जलकुंभी में नाइट्रोजन व फास्फोरस की मात्रा अधिक होती है। इससे बेहतर खाद बन सकती है। इस खाद का उपयोग घरों के बगीचों में या आलू की खेती में किया जा सकता है। यदि स्वयं सहायता समूह के साथ मिलकर ग्राम प्रधान इस दिशा में काम करें तो उन्हें अवश्य लाभ होगा। उसको पैक करके दुकानदारों को बेचा भी जा सकता है। इससे नाले की सफाई तो होगी ही रोजगार बी मिलेगा। प्रधानों ने बताया कि उनके क्षेत्र में जलकुंभी निकाली जा रही है और उससे कंपोस्ट बनाया जा रहा है। कुछ ग्राम प्रधानों ने सफाई के दौरान मजदूरों में त्वचा संबंधी परेशानी का जिक्र किया तो जिलाधिकारी ने चिकित्सकों का सहयोग लेने को कहा। कटहल नाले पर मेड़बंदी और उस पर पेड़ लगाने का भी सुझाव दिया गया। एसडीएम जुनैद अहमद, एक्सईएन सिंचाई सीबी पटेल व कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
कटहल नाले पर बने रेगुलेटर का किया निरीक्षण
बलिया। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने विजयीपुर कटहल नाले पर बने रेगुलेटर और नाले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि नाले में जलकुंभी की मात्रा बहुत अधिक है। साथ ही आसपास के घरों का पानी भी नाले में गिर रहा है। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई चंद्र बहादुर पटेल को निर्देश दिया कि नाले की जल्द से जल्द सफाई करा दी जाए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी के साथ बैठकर रेगुलेटर और इस पर बनने वाले पुल के संबंध में विस्तार से चर्चा करके उन्हें अवगत कराया जाए।
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सीडीओ प्रवीण वर्मा ने बताया कि जलकुंभी में नाइट्रोजन व फास्फोरस की मात्रा अधिक होती है। इससे बेहतर खाद बन सकती है। इस खाद का उपयोग घरों के बगीचों में या आलू की खेती में किया जा सकता है। यदि स्वयं सहायता समूह के साथ मिलकर ग्राम प्रधान इस दिशा में काम करें तो उन्हें अवश्य लाभ होगा। उसको पैक करके दुकानदारों को बेचा भी जा सकता है। इससे नाले की सफाई तो होगी ही रोजगार बी मिलेगा। प्रधानों ने बताया कि उनके क्षेत्र में जलकुंभी निकाली जा रही है और उससे कंपोस्ट बनाया जा रहा है। कुछ ग्राम प्रधानों ने सफाई के दौरान मजदूरों में त्वचा संबंधी परेशानी का जिक्र किया तो जिलाधिकारी ने चिकित्सकों का सहयोग लेने को कहा। कटहल नाले पर मेड़बंदी और उस पर पेड़ लगाने का भी सुझाव दिया गया। एसडीएम जुनैद अहमद, एक्सईएन सिंचाई सीबी पटेल व कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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कटहल नाले पर बने रेगुलेटर का किया निरीक्षण
बलिया। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने विजयीपुर कटहल नाले पर बने रेगुलेटर और नाले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि नाले में जलकुंभी की मात्रा बहुत अधिक है। साथ ही आसपास के घरों का पानी भी नाले में गिर रहा है। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई चंद्र बहादुर पटेल को निर्देश दिया कि नाले की जल्द से जल्द सफाई करा दी जाए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी के साथ बैठकर रेगुलेटर और इस पर बनने वाले पुल के संबंध में विस्तार से चर्चा करके उन्हें अवगत कराया जाए।
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