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जल्द शुरू होगा 100 बेड के अस्पताल का निर्माण
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बलिया। सीएचसी सोनबरसा में निर्माणाधीन 100 बेड का अस्पताल के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। शासन ने अस्पताल में आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए लगभग पांच करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। पिछले दिनों ने शासन की ओर से इस अस्पताल के भवन की निर्माण का लागत को बढ़ाकर 29.27 करोड़ रुपये कर दिया गया था।
100 बेड के अस्पताल की घोषणा दो मई 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की थी। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को मिली थी। निर्माण के लिए 25.15 करोड़ की लागत तय कर पहली किस्त में 3.50 करोड़ जारी कि गए थे। निर्माण शुरू करने से पहले ही भूमि विवाद में फंस गई। 11 मई 2017 को कुंवर सिंह ट्रस्ट के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य ने भूमि को अपना बताकर वन विभाग को पेड़ काटने से मना कर दिया था। जिला व तहसील प्रशासन के काफी मशक्कत के बाद सीएचसी सोनबरसा के कैम्पस में ही दूसरी तरफ भूमि चिह्नित की गई। सात जून 2018 को तत्कालीन सांसद भरत सिंह व बैरिया विधायक सुरेन्द्र सिंह ने अस्पताल की निर्माण के लिए भूमि पूजन किया।ा। निर्माण के लिए डेढ़ साल की समय सीमा निर्धारित थी। धनअभाव के कारण काफी दिनों तक निर्माण कार्य ठप रहा। अभी तक निर्माण के लिए लागत राशि के मुकाबले 35 प्रतिशत धन जारी किया गया है। जबकि लागत भी लगभग चार करोड़ बढ़ाकर 29.27 करोड कर दी गई है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि अस्पताल में उपकरण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। जल्द उपकरणों की खरीदारी की जाएगी। अभी यहां 30 बेड संचालित हैं। 70 बेड बढ़ाकर 100 शैय्या का अस्पताल शुरू कराया जाएगा।
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पांच लाख की आबादी को मिलेगा लाभ
बैरिया। अस्पताल निर्माण के बाद साढ़े चार से पांच लाख ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। फिलहाल सीएचसी में सिर्फ फिजीशियन की तैनाती है। कोई भी रोग विशेषज्ञ नहीं है। यहां तक की प्रसूताओं को झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ रहा है। अब जब अस्पताल के लिए उपकरण खरीद की स्वीकृति दी गई है तो लगता है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी।
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100 बेड के अस्पताल की घोषणा दो मई 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की थी। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को मिली थी। निर्माण के लिए 25.15 करोड़ की लागत तय कर पहली किस्त में 3.50 करोड़ जारी कि गए थे। निर्माण शुरू करने से पहले ही भूमि विवाद में फंस गई। 11 मई 2017 को कुंवर सिंह ट्रस्ट के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य ने भूमि को अपना बताकर वन विभाग को पेड़ काटने से मना कर दिया था। जिला व तहसील प्रशासन के काफी मशक्कत के बाद सीएचसी सोनबरसा के कैम्पस में ही दूसरी तरफ भूमि चिह्नित की गई। सात जून 2018 को तत्कालीन सांसद भरत सिंह व बैरिया विधायक सुरेन्द्र सिंह ने अस्पताल की निर्माण के लिए भूमि पूजन किया।ा। निर्माण के लिए डेढ़ साल की समय सीमा निर्धारित थी। धनअभाव के कारण काफी दिनों तक निर्माण कार्य ठप रहा। अभी तक निर्माण के लिए लागत राशि के मुकाबले 35 प्रतिशत धन जारी किया गया है। जबकि लागत भी लगभग चार करोड़ बढ़ाकर 29.27 करोड कर दी गई है।
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प्रभारी सीएमओ डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि अस्पताल में उपकरण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। जल्द उपकरणों की खरीदारी की जाएगी। अभी यहां 30 बेड संचालित हैं। 70 बेड बढ़ाकर 100 शैय्या का अस्पताल शुरू कराया जाएगा।
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पांच लाख की आबादी को मिलेगा लाभ
बैरिया। अस्पताल निर्माण के बाद साढ़े चार से पांच लाख ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। फिलहाल सीएचसी में सिर्फ फिजीशियन की तैनाती है। कोई भी रोग विशेषज्ञ नहीं है। यहां तक की प्रसूताओं को झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ रहा है। अब जब अस्पताल के लिए उपकरण खरीद की स्वीकृति दी गई है तो लगता है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी।