सावरकर-गोडसे और बापू को चाहने वालों के बीच संघर्ष: रामगोविन्द
बलिया। नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि एनआरसी, एनपीआर और सीएए को लेकर चल रहा संघर्ष सावरकर, गोडसे को हीरो मानने वाली ताकतों और बापू को चाहने वालों के बीच है। इस संघर्ष में अंतत: जीत सत्य अहिंसा के रास्ते पर चल रहे गांधीवादी सत्याग्रहियों की ही होनी है। इसलिए प्रदेश के अफसरों से आग्रह है कि वे संविधान की मर्यादा के अनुरूप आचरण करें। चौधरी ने कहा है कि इतिहास गवाह है, सत्याग्रह के सामने अंग्रेजी राज की नहीं चली। गरीबी हटाओ की लहर पर सवार होकर 1971 में जीतीं इंदिरा गांधी को आपातकाल भी नहीं बचा सका। जन विरोध की वजह से हिटलर मिट गया, इस सरकार की क्या बिसात? इसको भी जाना पड़ेगा। उलटी गिनती शुरू हो गई है। इसी वजह से इस सरकार के नेताओं को बड़बोलेपन की बीमारी हो गई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ और इलाहाबाद में चल रहे महिलाओं के सत्याग्रह से महात्मा गांधी के अहिंसा का सम्मान बढ़ा है। इन महिलाओं पर दंगा भड़काने का एफआईआर दर्ज कराना लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। चौधरी ने कहा कि एनआरसी, एनपीआर और सीएए के विरोध में हुए धरना प्रदर्शनों पर सरकार ने नियोजित तरीके से पहले भी बर्बर हमला बोला। इस बर्बर हमले में बीस लोगों की जान गई, सैकड़ों लोग अधमरे हो गए, हजारों लोग कानून के फंदे में वेवजह फंस गए हैं।