बलियाः राज्यमंत्री आनंद शुक्ला और 50 अन्य पर परिवाद दर्ज, महिलाओं से बदसलूकी का आरोप
बलिया के मोहल्ला बनकटा निवासी रानी देवी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलिया के यहां परिवाद दर्ज करने के लिए याचिका दाखिल की थी।
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मांगों के लिए राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के आवास पर गई महिलाओं से मारपीट, गालीगलौज करने, गहने छीनने के आरोप के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल की गई थी। इसमें राज्यमंत्री, कोतवाल बालमुकुंद मिश्रा समेत छह और 40-50 अन्य लोगों के खिलाफ 22 जुलाई को परिवाद दर्ज कर लिया गया। साथ ही, बयान दर्ज कराने के लिए 24 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। इधर, राज्यमंत्री आनंद स्वरूप और कोतवाल ने परिवाद दर्ज होने की जानकारी से इनकार किया है।
बलिया के मोहल्ला बनकटा निवासी रानी देवी पत्नी लल्लन शाह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलिया के यहां परिवाद दर्ज करने के लिए याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा था कि मोहल्ले के कई बच्चों का स्कूलों में प्रवेश हुआ है। योजना के तहत बच्चों को पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस आदि के लिए 5000 रुपये सहायता राशि देने का प्रावधान है। लेकिन, पिछले दो साल से यह धनराशि नहीं मिल रही है।
इसको लेकर पांच अप्रैल की दोपहर रानी देवी और अन्य महिलाएं राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के आवास पर गई थीं। आरोप है कि उनकी मांगें सुनकर राज्यमंत्री, उनके भाई और अन्य लोग नाराज हो गए। इसके बाद धक्का देकर आवास से बाहर निकालने लगे। उन लोगों ने गाली-गलौज करने के साथ ही मारपीट भी की। गहने भी छीन लिए। पुलिस को बुलाकर लाठीचार्ज कराया गया। मोबाइल फोन छीनकर बंधक बनाते हुए घटना का वीडियो डिलीट करा दिया। इसके बाद सादे कागज पर दस्तखत भी करा लिए गए। शिकायत करने पर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
याचिका दाखिल होने के बाद कोर्ट की ओर से पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट में पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि 20 से 25 महिलाएं और पुरुष प्रति छात्र 10 हजार रुपये दिलवाने और ग्राम पंचायत का नियम बदलवाने के लिए मंत्री के आवास पर पहुंची थीं। आश्वासन देने के बाद भी लोगों ने वहां तोड़फोड़ की।
इस संबंध में रानी देवी सहित छह नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 22 जुलाई के अपने आदेश में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेंद्र प्रसाद ने माना कि इस प्रकरण में तथ्यों की जानकारी भुक्तभोगियों ने खुद उपस्थित होकर दी है। इसे वे न्यायालय में साक्ष्य से साबित कर सकते हैं। इसलिए परिवाद दर्ज किया जाता है। साथ ही बयान दर्ज कराने के लिए 24 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ परिवाद
राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, आद्या शुक्ला निवासी भृगु आश्रम, डिंपल सिंह निवासी खोरी पाकड़, अश्वनी राय निवासी माल्देयपुर, राबिन सिंह निवासी टकरसन, शहर कोतवाल बालमुकुंद मिश्रा और 20-25 पुलिसकर्मी, मंत्री के 20-25 समर्थक।