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बालक की तालाब में डूबने से मौत, परिजनों ने इलाज में देरी का आरोप लगा अस्पताल में की तोड़फोड़

Wed, 01 Sep 2021 09:44 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 09:44 PM IST
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Child dies due to drowning in pond, family members allege delay in treatment, sabotage the hospital
बैरिया। प्राथमिक विद्यालय में नाम लिखवाने के लिए बुधवार को अपने फुफेरे भाई के साथ साइकिल से घर से निकला आठ वर्षीय बालक की मौत साइकिल पलट कर गहरे तालाब में गिर जाने से हो गई। फुफेरे भाई को विद्यालय में तैनात शिक्षा मित्र ने जान जोखिम में डालकर तालाब से निकाला। बालक का इलाज नहीं करने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने सोनबरसा अस्पताल में तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया। मृतक के पिता ने चिकित्सक के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
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बैरिया थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव निवासी कमलेश यादव का पुत्र विक्की यादव (8) अपने फुफेरे भाई पांच वर्षीय आदित्य यादव को अपनी साइकिल पर बैठाकर प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा में गया था। विद्यालय में तैनात अध्यापकों से अपना नाम लिखने का आग्रह किया। अध्यापकों ने अभिभावक को लेकर विद्यालय में आने के लिए विक्की से कहा। विक्की विद्यालय से निकल कर अपने फुफेरे भाई को साइकिल पर पीछे बैठाकर अपने घर के जाने लगा कि विद्यालय से कुछ ही दूरी पर उसकी साइकिल पलट गई और दोनों बच्चे साइकिल समेत तालाब में गिर गए। विक्की डूब चुका था और आदित्य को डूबते देख उस रास्ते से जा रही एक लड़की ने शोर मचाना शुरू किया। शोरगुल सुनकर उक्त प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र सुबेख सिंह ने तालाब में छलांग लगा दिया और आदित्य को बचाकर अस्पताल ले गया। जहां आदित्य के होश आते ही उसने बताया कि मेरे साथ विक्की भैया भी थे, वह भी डूब रहे थे वह कहां है।
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इतना सुनना था कि ग्रामीण दौड़कर तालाब के पास पहुंचे और तालाब में विक्की को ढूंढ निकाला। उसे लेकर सोनबरसा अस्पताल ले गए जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अविनाश कुमार से इलाज के लिए कहा। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में विलंब होने से विक्की की मौत हो गई। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। घटना की सूचना पर एसएचओ राजीव कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्साधिकारी के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। जबकि डॉक्टर अविनाश का कहना है कि अस्पताल का सीसी कैमरे में देखा जा सकता है मैंने बिना समय गंवाए बच्चे का चेकअप किया वह अस्पताल आने के पहले ही मर चुका था।
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