बलिया: अस्पताल अधीक्षक ने पद से दिया इस्तीफा, चर्चा- किसी दबाव के कारण लिया फैसला
इस्तीफे के पीछे किसी दबाव की भी जबरदस्त चर्चा है। वहीं, सीएमओ का कहना है कि इस्तीफा नहीं मिला, डॉ. साकेत अपने पद पर तैनात हैं। तत्कालीन सीएमओ स्व. डा. जितेंद्र पाल ने कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए डॉ. साकेत को सम्मानित भी किया था।
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बलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही पर अधीक्षक का कार्यभार संभाल रहे डा. साकेत बिहारी शर्मा ने बीते दो सितंबर को अधीक्षक के पद से इस्तीफा दे दिया है। अधीक्षक के पद छोड़ने के बाद डा. बीएल मंडल को चार्ज दिया है। इस्तीफे के पीछे किसी दबाव की भी जबरदस्त चर्चा है।
वहीं, सीएमओ का कहना है कि इस्तीफा नहीं मिला, डॉ. साकेत अपने पद पर तैनात हैं। तत्कालीन सीएमओ स्व. डा. जितेंद्र पाल ने कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए डॉ. साकेत को सम्मानित भी किया था। अचानक डॉ. साकेत बिहारी शर्मा ने दो सितंबर को जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और सीडीओ को पत्र लिखकर कर यह कह दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नरहीं पर मैं अधीक्षक पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
इस बाबत सीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ ने बताया कि डा. साकेत बिहारी शर्मा द्वारा इस्तीफा लिखित तौर पर नहीं मिला है। व्हाट्सएप पर सूचना देने से इस्तीफा नहीं होता है। फिलहाल वह ही अधीक्षक के पद पर आसीन हैं।
प्रधान ने रकम निकालने के बाद काम नहीं कराने का लगाया आरोप
रेवती विकास खंड के आसमान ठोठा के ग्राम प्रधान राम बहादुर चौरसिया ने प्रशासकीय कार्यकाल के दौरान ग्राम सभा के खाते से एक लाख 36 हजार 200 रुपये बिना कार्य कराये निकाले जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, सीडीओ सहित अन्य अधिकारियों को पत्र भेजा है। जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
प्रधान ने अधिकारियों को प्रेषित पत्र में उल्लेख किया है कि तीन मई 2021 को दो इंडिया मार्का हैण्डपम्प के रिबोर के मद में 41 हजार 200 रुपये निकाला गया है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उक्त हैंडपंप आज भी खराब पड़े है। ग्राम सभा में सामुदायिक शौचालय के लिए जमीन नहीं है, लेकिन 20 अक्टूबर 2020 को सामुदायिक शौचालय सामग्री क्रय के नाम पर 75 हजार की निकासी कर ली गयी है।
ऐसे ही कोविड दवा एवं मच्छररोधी दवा के छिड़काव के नाम पर 20 अप्रैल 2021 को 20 हजार रुपये की निकासी कर ली गई है। जबकि ग्राम सभा में दवाओं का छिड़काव हुआ ही नहीं है। प्रधान ने उच्चाधिकारियों से बिना कार्य कराए ग्राम सभा के खाते से संबंधित लोगों द्वारा निकाली गई रकम के मामले में उक्त लोगों से धनराशि की रिकवरी करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।