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सीसीटीवी कैमरे से होगी तस्करी की निगहबानी
ballia
Updated Wed, 14 Jun 2017 10:30 PM IST
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बलिया। नरहीं थाना क्षेत्र के प्रांतीय सीमा पर भरौली गंगा पुल के रास्ते होने वाली तस्करी की निगहबानी के लिए जिला प्रशासन ने चौराहे पर तीन सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं। ‘अमर उजाला’ की ओर से लगातार हो रही तस्करी का खुलासा करने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बताया जाता है कि वर्ष 2014 में पुल को मरम्मत के लिए भारी वाहनों के आवागमन पर बिहार सरकार की ओर से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके लिए पुल के दोनों सिरे पर करीब सात फुट उंची लोहे की बैरिकेडिंग भी लगा दी गई। गंगा पुल के रास्ता तस्करी के लिए कुख्यात है और खासकर लाल बालू की तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। भारी वाहनों के लिए पुल के बंद होने के बाद तस्करों ने भी अपना धंधा छोटे वाहनों से करना शुुरु कर दिया। इसमें ट्रैक्टर, डीसीएम, पिकअप आदि से लाल बालू को अवैध तरीके से बिहार से लाया जाता है। लाल बालू पर वन विभाग की ओर से अभिवहन शुल्क लेने का प्रावधान है। लेकिन पुल बंद होने की आड़ में वन विभाग के अफसरों ने सीमा से प्रवर्तन दल को हटा लिया लेकिन वनकर्मी लगातार वसूली करते रहे। बीते सालों में वनकर्मियों ने करोड़ों का गोलमाल किया और इसका खुलासा ‘अमर उजाला’ ने किया। हालांकि इसी बीच राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी भी पहुंचे और वन विभाग के अफसरों को फटकारा। इसके बाद विभाग जागा और अभिवहन शुल्क की वसूली शुरु की। इसी दौरान जिला प्रशासन ने भी भरौली चौराहे पर तीन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। एक कैमरा जहां बिहार से आने वाले वाहनों को देखेगा तो दूसरा गाजीपुर मार्ग व तीसरा बलिया मार्ग की निगहबानी करेगा।
भरौली चेकपोस्ट से लगातार तस्करी की शिकायत मिल रही थी, इस पर अंकुश लगाने व मॉनीटरिंग के लिए भरौली चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। सभी कैमरे लगातार 24 घंटे चलते रहेंगे और समय-समय पर इसकी पड़ताल भी कराई जाएगी। किसी भी सूरत में सीमावर्ती क्षेत्रों से तस्करी नहीं होने दी जाएगी। -सुजाता सिंह, एसपी, बलिया
बताया जाता है कि वर्ष 2014 में पुल को मरम्मत के लिए भारी वाहनों के आवागमन पर बिहार सरकार की ओर से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके लिए पुल के दोनों सिरे पर करीब सात फुट उंची लोहे की बैरिकेडिंग भी लगा दी गई। गंगा पुल के रास्ता तस्करी के लिए कुख्यात है और खासकर लाल बालू की तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। भारी वाहनों के लिए पुल के बंद होने के बाद तस्करों ने भी अपना धंधा छोटे वाहनों से करना शुुरु कर दिया। इसमें ट्रैक्टर, डीसीएम, पिकअप आदि से लाल बालू को अवैध तरीके से बिहार से लाया जाता है। लाल बालू पर वन विभाग की ओर से अभिवहन शुल्क लेने का प्रावधान है। लेकिन पुल बंद होने की आड़ में वन विभाग के अफसरों ने सीमा से प्रवर्तन दल को हटा लिया लेकिन वनकर्मी लगातार वसूली करते रहे। बीते सालों में वनकर्मियों ने करोड़ों का गोलमाल किया और इसका खुलासा ‘अमर उजाला’ ने किया। हालांकि इसी बीच राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी भी पहुंचे और वन विभाग के अफसरों को फटकारा। इसके बाद विभाग जागा और अभिवहन शुल्क की वसूली शुरु की। इसी दौरान जिला प्रशासन ने भी भरौली चौराहे पर तीन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। एक कैमरा जहां बिहार से आने वाले वाहनों को देखेगा तो दूसरा गाजीपुर मार्ग व तीसरा बलिया मार्ग की निगहबानी करेगा।
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भरौली चेकपोस्ट से लगातार तस्करी की शिकायत मिल रही थी, इस पर अंकुश लगाने व मॉनीटरिंग के लिए भरौली चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए गए हैं। सभी कैमरे लगातार 24 घंटे चलते रहेंगे और समय-समय पर इसकी पड़ताल भी कराई जाएगी। किसी भी सूरत में सीमावर्ती क्षेत्रों से तस्करी नहीं होने दी जाएगी। -सुजाता सिंह, एसपी, बलिया
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