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सावधान! दूध से ज्यादा खोवा शहर में तैयार
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Thu, 09 Mar 2017 10:43 PM IST
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सतनी सराय स्थित एक निजी डेयरी पर होली के मद्देनजर देशी घी की सैंपलिंग करते खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी।
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होली के मद्देनजर बाजार में मिलावटखोरी जमकर होने लगी है। सरसों तेल से लेकर अनाज और मिलावटी खोवा धड़ल्ले से बाजार में आ चुका है। लाख विभागीय दावों के बीच मिलावटखोर जमकर मनमानी कर रहे हैं।
त्योहार पर बिक्री के लिए बाजार तैयार हो गए हैं। खरीदारी के लिए लोगों की चहलकदमी बढ़ गई है। ऐसे में होली के बाजार में मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। रंग से लेकर खानपान की सभी चीजों में मिलावट की जा रही है। होली पर सबसे ज्यादा दूध और खोवा की मांग रहती है। शहर में जितना दूध नहीं है, उससे कहीं ज्यादा खोवा बनकर तैयार है। इसी तरह खाद्य तेल और मसाले भी मिलावट से नहीं बचे हैं।
ग्राहकों को हर ओर मिलावटी खाद्य सामग्री ही मिल रही है। दूकानदारों का कहना है कि लोग सस्ते के चक्कर में न पड़े। क्योंकि अगर कोई सामान सस्ता बेचता है तो उसमें मिलावटखोरी की संभावना अधिक रहती है। केमिकल से तैयार किए गए खोवे से पेट दर्द के साथ दस्त हो सकती है। लंबे समय तक उपयोग से लीवर खराब होने और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। त्योहार पर खरीददारी करते समय मिलावटखोरी से सावधान रहें नहीं यह स्वास्थ्य पर भी भारी पड़ सकता है।
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त्योहार पर बिक्री के लिए बाजार तैयार हो गए हैं। खरीदारी के लिए लोगों की चहलकदमी बढ़ गई है। ऐसे में होली के बाजार में मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। रंग से लेकर खानपान की सभी चीजों में मिलावट की जा रही है। होली पर सबसे ज्यादा दूध और खोवा की मांग रहती है। शहर में जितना दूध नहीं है, उससे कहीं ज्यादा खोवा बनकर तैयार है। इसी तरह खाद्य तेल और मसाले भी मिलावट से नहीं बचे हैं।
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ग्राहकों को हर ओर मिलावटी खाद्य सामग्री ही मिल रही है। दूकानदारों का कहना है कि लोग सस्ते के चक्कर में न पड़े। क्योंकि अगर कोई सामान सस्ता बेचता है तो उसमें मिलावटखोरी की संभावना अधिक रहती है। केमिकल से तैयार किए गए खोवे से पेट दर्द के साथ दस्त हो सकती है। लंबे समय तक उपयोग से लीवर खराब होने और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। त्योहार पर खरीददारी करते समय मिलावटखोरी से सावधान रहें नहीं यह स्वास्थ्य पर भी भारी पड़ सकता है।
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