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Ballia News: 366 किलोमीटर तक नहरें, लेकिन सिंचाई के लिए खेतों में पानी नहीं
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बलिया। मानसून के साथ नहरें भी अन्नदाताओं को दगा दे रही हैं। जिले में 366 किलोमीटर तक नहरें हैं लेकिन सिंचाई के लिए इनमें पानी नहीं आता।
पंदह संवाददाता के अनुसार सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र में नहरों का जाल बिछा है लेकिन नहरों में पानी नहीं है। बारिश न होने से ताल-तलैया भी सूखे पड़े हैं। वहीं सिकंदरपुर, पूर और पंदह रजबाहा सहित इनसे जुड़ीं माइनरों में भी पानी नहीं है। धान की बेहन तैयार है लेकिन पानी के अभाव में रोपनी नहीं हो पा रही है। तहसील क्षेत्र में करीब 52 किमी लंबाई में रजबाहा और माइनरें हैं। सिकंदरपुर, पूर व पंदह रजबाहा से लगभग 5200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है।
28.800 किमी लंबे पूर रजबाहा से तेनुही, मंझरिया, फुलवरिया, छतरसड, सोनाडीह, प्रसादपुर, कचिला व बेलही समेत कुल 14 माइनरों में जलापूर्ति की जाती है। जबकि 1832 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई पंदह रजबाहा पर निर्भर है। मरवटिया, पंदह, किकोढ़ा, बरवां, फुलवरिया, महुलानपार, डकीनगंज, एकईल, सरया, सरियांव सहित 19 गांवों के अलावा टंडवा, धनेजा, भीमपुरा और चांडी माईनर से जुड़े किसान भी इसी के सहारे हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता इं. राकेश कुमार ने बताया कि कुछ नहरों में पानी छोड़ा गया है। कुछ नहरें मऊ दोहरीघाट व आजमगढ़ शारदा सहायक नहर खंड-32 टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य तेजी से जारी है। बिजली कटौती से कैनाल लगातार नहीं चल पा रहा है। तुर्तीपार कैनाल से पानी छोड़ा जा रहा है।
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पंदह संवाददाता के अनुसार सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र में नहरों का जाल बिछा है लेकिन नहरों में पानी नहीं है। बारिश न होने से ताल-तलैया भी सूखे पड़े हैं। वहीं सिकंदरपुर, पूर और पंदह रजबाहा सहित इनसे जुड़ीं माइनरों में भी पानी नहीं है। धान की बेहन तैयार है लेकिन पानी के अभाव में रोपनी नहीं हो पा रही है। तहसील क्षेत्र में करीब 52 किमी लंबाई में रजबाहा और माइनरें हैं। सिकंदरपुर, पूर व पंदह रजबाहा से लगभग 5200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है।
28.800 किमी लंबे पूर रजबाहा से तेनुही, मंझरिया, फुलवरिया, छतरसड, सोनाडीह, प्रसादपुर, कचिला व बेलही समेत कुल 14 माइनरों में जलापूर्ति की जाती है। जबकि 1832 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई पंदह रजबाहा पर निर्भर है। मरवटिया, पंदह, किकोढ़ा, बरवां, फुलवरिया, महुलानपार, डकीनगंज, एकईल, सरया, सरियांव सहित 19 गांवों के अलावा टंडवा, धनेजा, भीमपुरा और चांडी माईनर से जुड़े किसान भी इसी के सहारे हैं।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता इं. राकेश कुमार ने बताया कि कुछ नहरों में पानी छोड़ा गया है। कुछ नहरें मऊ दोहरीघाट व आजमगढ़ शारदा सहायक नहर खंड-32 टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य तेजी से जारी है। बिजली कटौती से कैनाल लगातार नहीं चल पा रहा है। तुर्तीपार कैनाल से पानी छोड़ा जा रहा है।
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