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Ballia :अचानक ज्यादा पानी आने से नहर का तटबंध टूटा, 30 बीघे फसल डूबी, नहर सफाई में बंदरबांट का आरोप
Sun, 05 Jan 2025 08:39 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Sun, 05 Jan 2025 08:39 PM IST
सार
कई वर्षों बाद नहर में पानी आया लेकिन अचानक नहर टूटने से तीस बीघे की फसल डूब गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से रजवाहे की सफाई नहीं हुई जिसके कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा।
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नहर के पानी से जलमग्न हुए खेत
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बेरुआरबारी क्षेत्र की इकलौती नहर रतसर रजवाहा में कई वर्षों बाद सिंचाई के लिए पानी तो आया, लेकिन सिंचाई का समय बीत जाने के बाद। वहीं, ग्राम पंचायत बभनौली में नहर में अचानक ज्यादा पानी आ जाने के कारण नहर टूट गई। इससे 30 बीघे से अधिक गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से रजवाहे की सफाई नहीं हुई है। इसके कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
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नहर की सफाई के नाम पर प्रत्येक वर्ष लाखों रुपए की बंदरबांट होती है। इस बार भी 70 लाख की लागत से नहरों की सफाई का दावा किया गया है। प्रत्येक वर्ष नहर की जेसीबी या अन्य साधनों से सफाई कर ठेकेदार चले जाते हैं। बंधें पर कोई कार्य नहीं किया जाता है। इसके करण चूहे एवं अन्य जंतुओं की ओर से बनाए गए बिल बंधे को खोखला कर देते हैं। रतसङ रजवाहा ज्ञानपुर, धनौती, गोपालपुर, बभनौली आदि गांवों से होकर मिश्रवलिया आदि गांवों की तरफ जाती है।
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शनिवार रात नहर को अचानक ज्यादा पानी छोङे जाने से नहर टूट गई। इससे सुशील मिश्र, सुरेश राम, अशोक राजभर, बृजेश राजभर, अखिलेश मिश्र, अरुण प्रकाश मिश्र, अवधेश मिश्र इत्यादि किसानों की 30 बीघा से ज्यादा खड़ी गेहूं की फसल पानी में डूब गई। ग्रामीणों का आरोप है कि रतसर रजवाहा में बीते कई साल से पानी नहीं आ रहा है। अगर नहर में पानी छोड़ा भी जाता है तो ग्राम पंचायत करमर या उसके आसपास के गांव के किसान ही अपनी फसल की सिंचाई करने के लिए पानी को रोक लेते हैं।
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इधर कई साल से नहर में पानी नहीं आ रहा है। नहर की सफाई भी कई साल से नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की पानी की रखवाली करने वाले बेलदार भी कभी पानी को टेल तक पहुंचाने की कोशिश नहीं करते। न कभी इधर दिखाई ही देते हैं। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई से बात करने की कोशिश की गई तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। कड़ाके की ठंड में ग्रामीणों की ओर से रविवार सुबह नहर को बांधने का कार्य किया गया। पूर्व प्रधान बब्बन भारती ने बताया कि अगर सिंचाई विभाग गेहूं की बर्बाद फसल का उचित मुआवजा किसानों को नहीं देता है तो तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।