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Ballia News: दूसरे डिपो की बसें अब नहीं आएंगी मुख्यालय
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बलिया। नए बलिया डिपो के निर्माण कार्य चलने तक गैर डिपो की बसें अब जिला मुख्यालय तक नहीं आएगी। इन बसों को रसड़ा बस स्टेशन पर खड़ा किया जाएगा। इसके लिए एआरएम ने बलिया डिपो तक आने वाली दूसरी डिपो को पत्र भेजा है। कारण कि नए बलिया डिपो के निर्माण का कार्य चल रहा है। ऐसे में रोडवेज की बसें सड़क पर ही खड़ी कर सवारियां बैठाती हैं। इससे आए दिन जाम की समस्या बनी है।
रात तक जिला मुख्यालय आने वाली दूसरे डिपो की बसें खड़ी हो जाती हैं। इस कारण सुबह आजमगढ़ व गोरखपुर की तरफ जाने वाली छोटी व बड़ी बसों को खड़ा करने में दिक्कत आ रही है। कई बार बसें खड़ी करने को लेकर विवाद भी हो जाता है। इसी बीच प्राइवेट वाहन भी आकर तिराहे पर मोड़ने लगते हैं। इससे दिक्कत खड़ी हो जा रही है। ऐसे में परिवहन निगम ने डिपो की बसों व यात्रियों की सुविधा के लिए दूसरे डिपो से आने वाली बसों को रसड़ा स्टेशन पर खड़ा करने का निर्देश दिया है। उन बसों के सवारियों को लाने के लिए बलिया डिपो की छोटी बसों को वहां से चलाया जाएगा।
बसों को खड़ा करने की है समस्या
बलिया डिपो में 91 बसें हैं। इनमें से प्रतिदिन 60-70 बसों का संचालन होता है। इन बसों के चालक व परिचालकों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत बसों को खड़ा करने का है। ऐसे में परिवहन निगम ने नए बस स्टेशन के निर्माण तक दूसरे डिपो की बसों को रसड़ा स्टेशन पर खड़ा करने का निर्देश दिया है।
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इन डिपो की बसें आती हैं
जिले में रायबरेली, फतेहपुर, अयोध्या, आजमगढ़, मथुरा, आगरा आदि डिपो की बसें आती हैं।
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जाम की समस्या से मिलेगी निजात
बलिया। परिवहन निगम के गैर डिपो की बसों के मुख्यालय तक न आने के निर्णय से रोडवेज तिराहा पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। कारण, कि प्राइवेट वाहन स्टैंड भी डिपो से महज 50 मीटर दूर पर है। दोनों तरफ से वाहनों के आने से जाम लग जाता है। सबसे खराब स्थिति स्कूल बसों के पहुंचाने पर हो जा रही है। रोडवेज डिपो की बसें सड़क पर खड़ी होने व किसी अन्य बड़े वाहन के आने से जाम की स्थिति बन जा रही है। ऐसे में रोडवेज बसों की संख्या कम होने से खड़ी करने में दिक्कत नहीं होगी और जाम से भी निजात मिलेगी।
नए बस स्टेशन के निर्माण से बसों को खड़ा करना जटिल समस्या हो गई है। जाम से निजात दिलाने के लिए इस तरह का कदम उठाया गया है। इससे बसों को सिस्टम में करने की काफी सहूलियत होगी। - प्रेम चंद्र, एआरएम।
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रात तक जिला मुख्यालय आने वाली दूसरे डिपो की बसें खड़ी हो जाती हैं। इस कारण सुबह आजमगढ़ व गोरखपुर की तरफ जाने वाली छोटी व बड़ी बसों को खड़ा करने में दिक्कत आ रही है। कई बार बसें खड़ी करने को लेकर विवाद भी हो जाता है। इसी बीच प्राइवेट वाहन भी आकर तिराहे पर मोड़ने लगते हैं। इससे दिक्कत खड़ी हो जा रही है। ऐसे में परिवहन निगम ने डिपो की बसों व यात्रियों की सुविधा के लिए दूसरे डिपो से आने वाली बसों को रसड़ा स्टेशन पर खड़ा करने का निर्देश दिया है। उन बसों के सवारियों को लाने के लिए बलिया डिपो की छोटी बसों को वहां से चलाया जाएगा।
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बसों को खड़ा करने की है समस्या
बलिया डिपो में 91 बसें हैं। इनमें से प्रतिदिन 60-70 बसों का संचालन होता है। इन बसों के चालक व परिचालकों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत बसों को खड़ा करने का है। ऐसे में परिवहन निगम ने नए बस स्टेशन के निर्माण तक दूसरे डिपो की बसों को रसड़ा स्टेशन पर खड़ा करने का निर्देश दिया है।
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इन डिपो की बसें आती हैं
जिले में रायबरेली, फतेहपुर, अयोध्या, आजमगढ़, मथुरा, आगरा आदि डिपो की बसें आती हैं।
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जाम की समस्या से मिलेगी निजात
बलिया। परिवहन निगम के गैर डिपो की बसों के मुख्यालय तक न आने के निर्णय से रोडवेज तिराहा पर लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। कारण, कि प्राइवेट वाहन स्टैंड भी डिपो से महज 50 मीटर दूर पर है। दोनों तरफ से वाहनों के आने से जाम लग जाता है। सबसे खराब स्थिति स्कूल बसों के पहुंचाने पर हो जा रही है। रोडवेज डिपो की बसें सड़क पर खड़ी होने व किसी अन्य बड़े वाहन के आने से जाम की स्थिति बन जा रही है। ऐसे में रोडवेज बसों की संख्या कम होने से खड़ी करने में दिक्कत नहीं होगी और जाम से भी निजात मिलेगी।
नए बस स्टेशन के निर्माण से बसों को खड़ा करना जटिल समस्या हो गई है। जाम से निजात दिलाने के लिए इस तरह का कदम उठाया गया है। इससे बसों को सिस्टम में करने की काफी सहूलियत होगी। - प्रेम चंद्र, एआरएम।