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Ballia News: मरीजों का इलाज करने के साथ मदद कर बना रहे सामाजिक रिश्ता

Wed, 01 Jul 2026 12:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 12:14 AM IST
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Building social connections while helping to treat patients
डॉक्टर्स डे के लिए: डॉ. एके उपाध्याय।
बलिया। डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का सहारा डॉक्टर ही होता है, जिस पर वह आंख बंद करके उसके निर्देशों का पालन करता है। वर्तमान समय में डॉक्टर के बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। अमूमन हर किसी के जीवन में ऐसा क्षण आता है, जब वह किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो जाता है। ऐसे समय में यदि आर्थिक संकट हो तो समस्या और भी गंभीर हो जाती है। हालांकि सच्चाई यह भी कि इस पेशे में व्यावसायिकता हावी है, लेकिन कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं जो इस संकट की घड़ी में निस्वार्थ भाव से मरीजों का इलाज करने से पीछे नहीं रहते। वह मरीजों का इलाज करने के साथ जरूर पड़ी दवा से लेकर आर्थिक मदद कर सामाजिक व परिवारिक रिश्ता बनाते हैं।
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जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉक्टर सौरभ सिंह अस्पताल में ऑपरेशन के अलावा बाहर में मरीज का इलाज नहीं करते हैं। बाहर की दवा तक नहीं लिखते अस्पताल में न होने पर जन औषधि केंद्र की लिखते हैं। ओपीडी में आर्थिक रूप से परेशान मरीज आने पर उसका निजी खर्चे पर ऑपरेशन से लेकर दवा में मदद कर उसे स्वस्थ्य करते हैं। उनका कहना है कि पिता स्व. राम बहादुर सिंह के बताए रास्ते पर चलकर सेवा भाव करता हूं।
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जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. एके उपाध्याय के सरल व्यवहार व मरीजों के प्रति समर्पित भाव देख कारण मरीजों का इनसे परिवारिक लगाव हो जाता है। भर्ती मरीजों को प्रति काफी संवेदनशील रहते हैं। आर्थिक रूप से परेशान मरीजों को लेकर इनकी संवेदना वश दवा लेकर हर संभव मदद करते हैं। मरीज द्वारा आधी रात में भी फोन करने पर बिना झिझक के वार्ड में जाकर मरीज की जांच करते हैं। एनआरसी का अतिरिक्त चार्ज होने से वहां की व्यवस्था काफी बेहतर है। डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं करते, कई बार उम्मीद भी बचा लेते हैं। ऐसे ही एक चिकित्सक डॉ. फ़ैजुर्रहमान, जो मऊ जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर होने के बावजूद अपने गृह क्षेत्र बेल्थरारोड में प्रतिदिन करीब 25 गरीब मरीजों का निःशुल्क इलाज करते हैं और जरूरतमंदों को दवाइयां भी मुफ्त उपलब्ध कराते हैं। डॉ. फ़ैजुर्रहमान कोरोना महामारी के दौरान हजारों मरीजों का उपचार किया और कईयों की जान बचाई।

डॉक्टर्स डे के लिए: डॉ. एके उपाध्याय।

डॉक्टर्स डे के लिए: डॉ. एके उपाध्याय।

डॉक्टर्स डे के लिए: डॉ. एके उपाध्याय।

डॉक्टर्स डे के लिए: डॉ. एके उपाध्याय।

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