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राइस मिल पर एसडीएम ने की छापेमारी
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सिकंदरपुर/नवानगर। उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अन्नपूर्णा गर्ग ने शनिवार को तहसील क्षेत्र के ग्राम भांटी स्थित राज इंटरप्राइजेज मिल पर छापेमारी की। इस दौरान 1500 कुंतल धान ऐसा मिला जो बिना मंडी शुल्क दिए खरीदा गया था। इस पर एसडीएम ने मौके पर ही मिल से 2.68 लाख का मंडी शुल्क व जुर्माना वसूल किया। उन्होंने बताया कि ऐसी कार्यवाही आगे भी की जाएगी।
प्रदेश सरकार द्वारा धान क्रय केंद्रों पर किसानों का धान खरीदे जाने के तमाम निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी सेंटरों पर धान धीमी गति से खरीदा जा रहा है। इससे परेशान होकर किसान अपने धान को औने पौने दाम पर बिचौलियों एवं राइस मिलों पर बेचने को मजबूर हैं। धान का सरकारी रेट 1830 रुपये है। वही बिचौलिए एवं राइस मिल संचालक 1500 से 1600 रुपये प्रति कुंतल की दर से किसानों से धान खरीद रहे हैं। धान खरीदते ही वे उन किसानों की खरीदारी संचालित सेंटरों पर अधिकारियों की मिलीभगत से दिखा दे रहे हैं और बीच का पैसा मिलजुल कर आपस में बांट ले रहे हैं। इसकी शिकायत जैसे ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अन्नपूर्णा गर्ग को मिली। उन्होंने तत्काल तहसील क्षेत्र के भांटी स्थित राज इंटरप्राइजेज मिल पर छापेमारी की। एसडीएम बताया कि किसानों के हितों को कत्तई दबाने नहीं दिया जाएगा। किसान अपना धान क्रय केंद्रों पर ही दें। अगर किसी क्रय केंद्र पर समस्या है तो उसकी शिकायत करें। चेताया कि अगर बिचौलियों व राइस मिल संचालकों से मिलकर धान खरीद की गई तो ऐसे ही कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश सरकार द्वारा धान क्रय केंद्रों पर किसानों का धान खरीदे जाने के तमाम निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी सेंटरों पर धान धीमी गति से खरीदा जा रहा है। इससे परेशान होकर किसान अपने धान को औने पौने दाम पर बिचौलियों एवं राइस मिलों पर बेचने को मजबूर हैं। धान का सरकारी रेट 1830 रुपये है। वही बिचौलिए एवं राइस मिल संचालक 1500 से 1600 रुपये प्रति कुंतल की दर से किसानों से धान खरीद रहे हैं। धान खरीदते ही वे उन किसानों की खरीदारी संचालित सेंटरों पर अधिकारियों की मिलीभगत से दिखा दे रहे हैं और बीच का पैसा मिलजुल कर आपस में बांट ले रहे हैं। इसकी शिकायत जैसे ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अन्नपूर्णा गर्ग को मिली। उन्होंने तत्काल तहसील क्षेत्र के भांटी स्थित राज इंटरप्राइजेज मिल पर छापेमारी की। एसडीएम बताया कि किसानों के हितों को कत्तई दबाने नहीं दिया जाएगा। किसान अपना धान क्रय केंद्रों पर ही दें। अगर किसी क्रय केंद्र पर समस्या है तो उसकी शिकायत करें। चेताया कि अगर बिचौलियों व राइस मिल संचालकों से मिलकर धान खरीद की गई तो ऐसे ही कार्रवाई की जाएगी।
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