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15 तक तैयार हो जाएगा पेयजल आपूर्ति का ‘ब्लूप्रिंट’
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बलिया। सतही जल परियोजना के तहत जनपद में पेयजल आपूर्ति का ब्लूप्रिंट 15 सिंतबर तक तैयार कर लिया जाएगा। इसके लिए 35 करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च करनी पड़ेगी। वहीं, परियोजना के तहत जनपद में पुरानी 52 पेयजल परियोजना का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 1500 राजस्व गांवों में भी शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए परियोजनाएं लगाई जाएंगी।
गंगा और सरयू से पानी उठाने के लिए गंगा के किनारे गंगा के किनारे कपूरी और दुधैला, सरयू नदी के किनारे सिकंदरपुर के सिवान कला में डब्ल्यूटीपी बनाई जानी है। प्रत्येक डब्ल्यूटीपी 105 से 106 एमएल़डी की होगी। जनपद में प्रतिदिन 420 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की आवश्यकता है। परियोजना के लिए फिजिकल सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए चयनित एलएंडटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए एक सितंबर तक का समय रखा गया था। अब इसे बढ़ा कर 15 सिंतबर कर दिया गया है। जनपद के लगभग 1500 राजस्व गांव ऐसे हैं जहां कोई पेयजल परियोजना नहीं है। ऐसी स्थिति में दो या तीन गांवों को मिलाकर एक पेयजल परियोजना का निर्माण किया जा सकता है। जलनिगम के एक्सईएन अंकुर श्रीवास्तव 15 सिंतबर को रिपोर्ट सौंपने के बाद शासन की ओर से डीपीआर तैयार करने के लिए कंपनी का चयन किया जाएगा। उक्त कंपनी की ओर से इन गांवों के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
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गंगा और सरयू से पानी उठाने के लिए गंगा के किनारे गंगा के किनारे कपूरी और दुधैला, सरयू नदी के किनारे सिकंदरपुर के सिवान कला में डब्ल्यूटीपी बनाई जानी है। प्रत्येक डब्ल्यूटीपी 105 से 106 एमएल़डी की होगी। जनपद में प्रतिदिन 420 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की आवश्यकता है। परियोजना के लिए फिजिकल सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए चयनित एलएंडटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए एक सितंबर तक का समय रखा गया था। अब इसे बढ़ा कर 15 सिंतबर कर दिया गया है। जनपद के लगभग 1500 राजस्व गांव ऐसे हैं जहां कोई पेयजल परियोजना नहीं है। ऐसी स्थिति में दो या तीन गांवों को मिलाकर एक पेयजल परियोजना का निर्माण किया जा सकता है। जलनिगम के एक्सईएन अंकुर श्रीवास्तव 15 सिंतबर को रिपोर्ट सौंपने के बाद शासन की ओर से डीपीआर तैयार करने के लिए कंपनी का चयन किया जाएगा। उक्त कंपनी की ओर से इन गांवों के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
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