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जिला अस्पताल में लगेगी ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट

Tue, 14 Sep 2021 10:08 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 10:08 PM IST
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Blood component separation unit will be set up in district hospital
बलिया। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में कंपोनेंट सेपरेशन लैब न होने से अभी तक दिए जाने वाले रक्त का इस्तेमाल सिर्फ एक जिंदगी बचाने में ही होता था। अब जिला अस्पताल में कंपोनेंट सेपरेशन लैब बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए लैब के पास ही स्थान का चयन कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। कंपोनेंट सेपेरेशन यूनिट बनने से ब्लड से अब प्लाज्मा और प्लेटलेट्स आदि निकाला जा सकेगा। इससे डेंगू आदि के गंभीर मरीजों का यहीं पर इलाज संभव हो सकेगा। अभी उन्हें वाराणसी रेफर किया जा रहा था।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की क्षमता 500 यूनिट ब्लड रखने की है। औसतन प्रतिदिन 15-20 यूनिट ब्लड की यहां खपत होती है। जनपद में अब तक यहां ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट न होने के कारण एक यूनिट ब्लड एक ही मरीज के ही काम आता है। इसके साथ ही प्लेटलेट्स और प्लाज्मा आदि निकालने की सुविधा नहीं होने से डेंगू आदि के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी रेफर करना पड़ता था। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में रक्त की एक यूनिट को चार अलग-अलग भाग में बांटा जा सकेगा। इसके बाद, जरूरतमंदों को रक्त के जरूरी तत्व ही दिए जाएंगे। घायलों और सिजेरियन केस में पीड़ितों को ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। वहीं, डेंगू, आग से जलने आदि कई मामलों में मरीजों को सिर्फ ब्लड के सहयोगी तत्व चढ़ाने की जरूरत होती है। ब्लड बैंक में ब्लड से तत्व अलग-अलग करने की सुविधा नहीं होने से दिक्कतें आती हैं। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में ब्लड से चार अलग-अलग तत्व निकाले जाएंगे। इसके बाद ब्लड के चार तत्वों में से जिस तत्व की जरूरत होगी, उसे वही तत्व दिया जाएगा।
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ऐसे कार्य करेगी कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
बलिया। रक्त में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। सेपरेशन यूनिट में रक्त की परत दर परत को अलग किया जाता है। इसके बाद आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। निकाले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है। एक यूनिट रक्त से तीन से चार लोगों की जरूरत पूरी कर सकती है।
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बोले प्रभारी, पहले हो पैथालाजिस्ट की तैनाती
ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. मिथिलेश सिंह ने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना से पहले ब्लड बैंक में पैथॉलाजिस्ट की तैनाती आवश्यक हैं। इनकी कमी से परेशानी तो हो ही रही है। साथ ही ब्लक बैंक का कार्य भी काफी जोखिम भरा है।

जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना के लिए स्थान की उपलब्धता के लिए जानकारी मांगी गई थी। जगह चिह्नित कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही इस पर कार्य शुरू कराया जाएगा। - डॉ. बीपी सिंह, सीएमएस
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