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दानिश को मंत्री बना भाजपा ने दिया दूरगामी संदेश
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कहा जाता है कि बागी बलिया की धरती ने राजनीति को हमेशा नई दिशा देने का काम किया है। कुछ ऐसा ही कदम इस बार प्रदेश मंत्रिमंडल के गठन में भाजपा ने भी किया है। इसका कहीं न कहीं से जुड़ाव बलिया से है। मुस्लिमों में हर बार शिया समुदाय को वरीयता देने वाली भाजपा ने पहली बार सुन्नी समुदाय से आने वाले दानिश आजाद को मंत्री बनाकर दूरगामी संदेश देने का कार्य किया है। पार्टी का दायरा और विस्तृत करने का साफ संदेश दिया है।
भाजपा से मुस्लिम नेता भी पार्टी पर हमेशा शिया समुदाय को सम्मान देने का आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना रहता था कि पार्टी को सोचना चाहिए कि मुस्लिम मतदाता क्यों नहीं जुड़ रहे हैं। बीजेपी में शिया लोगों को ही सम्मान मिलता है, जबकि सुन्नी समुदाय भी पार्टी के पक्ष में मतदान करता है। इसके बाद भी उनकी अनदेखी की जाती है। इस बार भाजपा ने इन आरोपों का जवाब बलिया का अपायल गांव निवासी युवा दानिश आजाद अंसारी को मंत्री बनाकर दिया है। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने मोहसिन रजा और गैरूल हसन को उच्च पदों पर बैठाया था। इस बाद भी शपथ ग्रहण से पहले मोहसिन रजा के फिर से कैबिनेट मंत्री बनने की पूरी संभावना जताई जा रही थी। यहां तक की दानिश आजाद का नाम दूर-दूर तक किसी ने सोचा तक नहीं था। मुस्लिम आबादी की बात करे तो प्रदेश में 90 से अधिक प्रतिशत मुसलमान सुन्नी है। विधानसभा चुना में मुस्लिम मतदाताओं खासकर महिलाओं का रुझान भाजपा की ओर से दिखा है। इसे ध्यान में रखकर दानिश के मंत्री बनाकर दूर की सोची गई है।
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भाजपा से मुस्लिम नेता भी पार्टी पर हमेशा शिया समुदाय को सम्मान देने का आरोप लगाते रहे हैं। उनका कहना रहता था कि पार्टी को सोचना चाहिए कि मुस्लिम मतदाता क्यों नहीं जुड़ रहे हैं। बीजेपी में शिया लोगों को ही सम्मान मिलता है, जबकि सुन्नी समुदाय भी पार्टी के पक्ष में मतदान करता है। इसके बाद भी उनकी अनदेखी की जाती है। इस बार भाजपा ने इन आरोपों का जवाब बलिया का अपायल गांव निवासी युवा दानिश आजाद अंसारी को मंत्री बनाकर दिया है। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने मोहसिन रजा और गैरूल हसन को उच्च पदों पर बैठाया था। इस बाद भी शपथ ग्रहण से पहले मोहसिन रजा के फिर से कैबिनेट मंत्री बनने की पूरी संभावना जताई जा रही थी। यहां तक की दानिश आजाद का नाम दूर-दूर तक किसी ने सोचा तक नहीं था। मुस्लिम आबादी की बात करे तो प्रदेश में 90 से अधिक प्रतिशत मुसलमान सुन्नी है। विधानसभा चुना में मुस्लिम मतदाताओं खासकर महिलाओं का रुझान भाजपा की ओर से दिखा है। इसे ध्यान में रखकर दानिश के मंत्री बनाकर दूर की सोची गई है।
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