बैरिया। जनपद के बहुचर्चित करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले के मामले में खंड विकास अधिकारी द्वारा बैरिया थाने में दर्ज कराए गए 29 तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारियों के मुकदमे वापस लेने के लिए बैरिया थाने में प्रतिवेदन भेजा है। बीडीओ भेजे प्रतिवेदन में बताया है कि संबंधित लोग अपने कागजात जमा कर दिए हैं। इसलिए कागजात नहीं जमा किए जाने से संबंधित एफआईआर में किसी तरह की कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
बता दें कि वर्ष 2003-05 के करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले के मामले में की जांच सीबीसीआईडी की ओर से की जा रही है। कुछ माह पहले सीबीसीआईडी ने बताया था कि तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारियों की ओर से कागजात उपलब्ध नहीं कराने के कारण जांच प्रभावित हो रही है। इसके बाद बैरिया विकास खंड के ग्राम पंचायत अधिकारी सुभाष चंद्र यादव, हरेराम मिश्र, अवधबिहारी ओझा, रामजी सिंह, अंजनी कुमार, प्रभुनाथ यादव, विनय सिंह, हरेंद्र प्रताप सिंह सहित 29 ग्राम पंचायत अधिकारियों पर संबंधित दस्तावेज ब्लॉक मुख्यालय में नहीं जमा करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। जबकि तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारियों का कहना था कि हम लोगों ने कागजात जमा किया है। उसकी प्राप्ति रसीद भी हम लोगों के पास है। बावजूद इसके उनके खिलाफ एफआईआर हुई। जब तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारियों ने सूचना अधिकार के तहत इस विषय में जानकारी मांगना शुरू किया तो मामले पर पर्दा डालने के लिए मुकदमा वापस लेने का ही प्रतिवेदन बैरिया थाने को भेजा गया है।