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चमगादड़ों ने छीना चैन, शाम को घर से नहीं निकलते लोग
Mon, 04 May 2020 09:25 AM IST
विचित्र सिंह
ballia/ amar ujala
ballia/ amar ujala
Published by: विचित्र सिंह
Updated Mon, 04 May 2020 09:25 AM IST
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हल्दी के गांव में चमगादड़
- फोटो : अमर उजाला
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हल्दी (बलिया)। सुल्तानपुर गांव के बरगद के पेड़ों पर रह रहे हजारों चमगादड़ों ने क्षेत्र के लोगों का चैन छीन लिया है। दिनभर पेड़ों पर उल्टे लटके रहने वाले ये चमगादड़ शाम होते ही क्षेत्र में मंडराने लगते हैं। कोरोना से डरे लोगों ने शाम को घरों से निकलना बंद कर दिया है। लोग तबसे ज्यादा ख़ौफ़ में हैं जबसे इनमे कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है।
हल्दी थाने से महज दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित सुल्तानपुर गांव में स्थित दो बरगद के पेड़ करीब दो सौ साल पुराने बताए जा रहे हैं। इन्हीं पर निवास करते हैंचमगादड । एक से दो फीट तक लम्बे चमगादड़ पूरे दिन इन्हीं पर उल्टे लटके रहते हैं और शाम होते ही अठखेलियां करते नजर आते हैं। क्षेत्र के लोग अनजाने भय व शंका को लेकर डरे हुए हैं।
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लोगों का भय व शंका करना भी जायज है, क्योंकि पहले भी कई बार चमगादड़ों से विभिन्न वायरस फैलने की पुष्टि हुई है। पुरानी मान्यताओं पर विश्वास करें तो चमगादड़ पूरी तरह अशुभ माने जाते हैं, हालांकि कहीं कहीं शुभता के नजरिए से भी लोग देखते हैं।
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गांव की महिलाएं उस बरगद के पेड़ को झूला सती का स्थान मानकर पहले पूजा भी करती थी अब कोरोना फैलने के बाद से वहां जाना बंद कर दिया हैं। ग्राम प्रधान राजन राम ने बताया कि करीब दो सौ साल पुराने हैं पेड़। उम्र बढ़ने के साथ डालें टूट गई हैं।