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शहर के दोगुने भार में दबकर गुम हुईं मूलभूत सुविधाएं

Wed, 01 Dec 2021 12:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 12:06 PM IST
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Basic amenities lost due to double the weight of the city
बलिया। शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है। आकार भी बढ़कर कहां से कहां पहुंच गया है, लेकिन इसके सापेक्ष शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में नगरपालिका बौनी साबित हो रही हैं। लाखों खर्च कर लोगों ने इन कॉलोनियों में मकान तो बना ले रहे हैं, लेकिन फिर उन्हें जलनिकासी, सड़क, सफाई, पेयजल आदि समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। नगरपालिका के विस्तार के लिए 27 गांवों का प्रस्ताव जरूर तैयार किया गया है, लेकिन अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।
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सृजन के बाद से ही अभी भी विस्तार नहीं होने से नगरपालिका को एक लाख से कुछ ज्यादा आबादी के हिसाब से विकास कार्यों और नागरिकों को सुविधाएं देने के लिए धनराशि मिलती है। वर्तमान में शहर का दायरा और आबादी दोगुने से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में सुविधाओं की कमी होना लाजिमी है। नगरपालिका के आंकड़ों में करीब सवा लाख की आबादी वाले शहर की आधी आबादी को पेयजल की आपूर्ति नहीं मिल पा रही। आधे शहर की सड़कें और गलियां ध्वस्त हैं। प्रमुख मार्गों मालगोदाम रोड, स्टेशन कचहरी रोड़, चौक स्टेशन रोड, एनसीसी तिराहा-मिड्ढी रोड़,चौक गुदी बाजार, अस्पताल रोड आदि की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। यहां की गड्ढायुक्त सड़कों से गुजरना मुश्किल है। इतना ही नहीं नगर की साफ सफाई के लिए नपा की ओर दोहरी व्यवस्था की गई है, जिसके तहत 11 वार्डों की साफ-सफाई आर्यन ग्रुप को दी गई है। 14 वार्डों की सफाई का जिम्मा खुद नगर पालिका संभाल रही है। बावजूद इसके नगर की सड़कें कूड़े और कचरे की ढेर लगे रहते हैं। नगरपालिका की सीमा के बाहर बनी कालोनियों के साथ ही नगरपालिका क्षेत्र में भी जलनिकासी एक गंभीर समस्या है। इसका निदान पालिका आज तक नहीं कर पाई है। स्थिति ये है कि थोड़ी सी बारिश में ये कालोनियां जलमग्न हो जाती है। इसके बाद पूरे बरसात पानी लगा रहता है। रास्ते और अन्य समस्याएं भी विकराल हैं।
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शहर में सड़क नाम की चीज नहीं बची है। बिना बारिश के ही यहां पानी भरा रहता है। पेयजल की आपूर्ति नहीं होती। बीते दो वर्षों से यहां की अव्यवस्थाएं और बढ़ गई है।
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-अखिलेश सिंह, विजयीपुर।
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सरकार स्वच्छता अभियान पर जोर दे रही है, लेकिन इस क्षेत्र में केवल एक सफाई कर्मी है। ऐसे में सफाई तो दूर यहां का कूड़ा उठना भी मुश्किल हो जाता है।
-आलोक भारती, जगदीशपुर।
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विकास की आस में शहरवासी छले जा रहे हैं। शहर की आधी आबादी को पालिका पेयजल आपूर्ति नसीब नहीं है। लकड़ी के खंभों के सहारे झूल रहे विद्युत तार विभागीय उपेक्षा का प्रमाण हैं।
-टुनटुन शर्मा, हास्पिटल रोड।
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शहर को लेकर जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हैं। कुछ की विकास निधि तो वापस लौट जाती है। अब तक के कार्यकाल में किसी भी विधायक, एमएलसी एवं एमपी की निधि से कोई भी धन नहीं मिला है।
-नसीम अहमद, जीएन के छपरा।
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नगर क्षेत्र में है करीब 50 होटल व 30 विद्यालय
नगर पालिका क्षेत्र फिलहाल करीब 50 होटल संचालित है। इसके अलावा कुछ होटल नगर क्षेत्र की सीमा के बाहर भी संचालित हो रहे है। जबकि नगरवासियों को शिक्षा मुहैया कराने के लिए सरकारी व निजी क्षेत्र के करीब तीस विद्यालय भी संचालित है। इसके बावजूद नगर के बच्चों को शिक्षा के लिए शहर के बाहर ग्रामीण अंचलों में बनें स्कूलों का सहारा लेना पड़ता है।
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इन गांवों तक होना हैं विस्तार
नगर पालिका बोर्ड द्वारा शासन को पत्र प्रेषित करके नगर क्षेत्र की सीमा से सटे 27 ग्राम पंचायतें जमुआ, सहोदरा, माफी पीपरा, अगरसण्डा, मुर्की, सरफूद्दीन, बहेरी, माल्देपुर, निधरिया, जमालपुर, सोनाडाबर, बहादुरपुर, तिखमपुर, पटखौली, परिखरा, उमरगंज, हैबतपुर, जमुआ गोपालपुर, रामपुर महावल, रघुनाथपुर टकरसन, मझौली, मुतलके यारपुर, अमृतपाली, परमनन्दापुर, सहरसपाली, हनुमानगंज और शंकरपुर शामिल करने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है, जहां शहरी लक्षण विद्यमान है।

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क्षेत्रफल-16.11 वर्ग किमी
नगर क्षेत्र आवासीय कालोनी-03
नगर क्षेत्र की आबादी-01,04,424
नगर में वार्डों की संख्या-25
पेयजल आपूर्ति के लिए लगे ट्यूबवेल- 15
पेयजल आपूर्ति के लिए लगे इंडिया मार्का हैंडपंप-495
खराब इंडिया मार्का हैंड पंप-50
आरओ-23
खराब आरओ-05
वाटर एटीमए-01
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नगर क्षेत्र में नागरिकों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नपा प्रशासन कटिबद्ध है। नागरिक सुविधाओं की बहाली में अगर कहीं कोई दिक्कत आती है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, बलिया।
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