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बैंक में अब घंटों की माथापच्ची
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:06 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बलिया। नोटबंदी के बाद बैंक के शाखाओं में भीड़ तो बढ़ ही गई है, कर्मचारियों को काम भी अधिक पड़ रहा है। आलम यह है कि 10 नवंबर से बैंकों में कर्मचारी देररात तक काम कर रहे है। जहां एक तरफ बैंकों के कर्मचारी दिनरात काम करके नोटबंदी के असर को समाप्त करने में जुटे हुए है। वहीं दूसरी ओर ग्राहक भी अपना पुराना नोट अब बदलने की जगह खाते में जमा करने में लग गए हैं।
आरबीआई के निर्देश के मुताबिक समय-समय पर पांच सौ तथा एक हजार के नोट भी वापस जमा करा दिए है।इस बाबत कदम चौराहा स्थित बंधन बैंक के शाखा प्रबंधक पवन कुमार सिंह ने बताया कि आम दिनों की अपेक्षा हर बैंक कर्मी के कार्य करने का समय दो से चार घंटे तक बढ़ गया है। रिजर्व बैंक के आदेशों के क्रम में पांच सौ तथा एक हजार के बदले और जमा कराए गए नोट को अपने-अपने करेंसी चेस्ट में जमा करा दिया जा रहा है।
नगर के सिटी स्टेट बैंक शाखा के प्रबंधक सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि अब तक तो हम लोगों ने बैंक के माध्यम से पांच सौ तथा एक हजार के नोटों का जमा कराने का कार्य किया है। नोटबंदी के फरमान के बाद सुबह आठ बजे से लेकर रात 10 बजे तक कर्मचारियों ने मिलकर कार्य किया है। भले जनता को लग रहा है कि काम नहीं हो रहा है। लेकिन हम एक-एक ग्राहक का नोट बदलने का प्रयास कर चुके है।
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अब तो खातों में ही पैसा जमा हो रहा है। रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अनुपालन में पांच सौ तथा एक हजार के नोट भी रिजर्व बैंक को भेजे जा रहे है। बताया कि नोटों को सहेजने तथा हिसाब मिलाने में तीन से चार घंटे तक अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।
साथ ही प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट आरबीआई को भेजनी पड़ रही है।
ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स के शाखा प्रबंधक ललित मिश्र ने बताया कि नोटबंदी ही वजह से प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक अधिक कार्य करना पड़ा है। हम लोगों ने जिला अस्पताल में भी कैंप लगाकर नोटों को बदला। अब हमारे एटीएम भी सही ढंग से कार्य करना शुरू कर दिया है।
बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक श्रीराम ने बताया कि बैंकों से नोट बदलने का कार्य अब तो बंद हो चुका है। फिर भी हम लोगों को रात 10 बजे तक बैंक में कार्य करना पड़ रहा है। अधिक से अधिक लोगों को बैंक से लाभ मिल सके। यही हम लोगों का प्रयास रहता है। पांच सौ का नोट आ जाने के बाद उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।
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आरबीआई के निर्देश के मुताबिक समय-समय पर पांच सौ तथा एक हजार के नोट भी वापस जमा करा दिए है।इस बाबत कदम चौराहा स्थित बंधन बैंक के शाखा प्रबंधक पवन कुमार सिंह ने बताया कि आम दिनों की अपेक्षा हर बैंक कर्मी के कार्य करने का समय दो से चार घंटे तक बढ़ गया है। रिजर्व बैंक के आदेशों के क्रम में पांच सौ तथा एक हजार के बदले और जमा कराए गए नोट को अपने-अपने करेंसी चेस्ट में जमा करा दिया जा रहा है।
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नगर के सिटी स्टेट बैंक शाखा के प्रबंधक सुनील कुमार सिन्हा ने बताया कि अब तक तो हम लोगों ने बैंक के माध्यम से पांच सौ तथा एक हजार के नोटों का जमा कराने का कार्य किया है। नोटबंदी के फरमान के बाद सुबह आठ बजे से लेकर रात 10 बजे तक कर्मचारियों ने मिलकर कार्य किया है। भले जनता को लग रहा है कि काम नहीं हो रहा है। लेकिन हम एक-एक ग्राहक का नोट बदलने का प्रयास कर चुके है।
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अब तो खातों में ही पैसा जमा हो रहा है। रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के अनुपालन में पांच सौ तथा एक हजार के नोट भी रिजर्व बैंक को भेजे जा रहे है। बताया कि नोटों को सहेजने तथा हिसाब मिलाने में तीन से चार घंटे तक अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।
साथ ही प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट आरबीआई को भेजनी पड़ रही है।
ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स के शाखा प्रबंधक ललित मिश्र ने बताया कि नोटबंदी ही वजह से प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक अधिक कार्य करना पड़ा है। हम लोगों ने जिला अस्पताल में भी कैंप लगाकर नोटों को बदला। अब हमारे एटीएम भी सही ढंग से कार्य करना शुरू कर दिया है।
बैंक आफ इंडिया के शाखा प्रबंधक श्रीराम ने बताया कि बैंकों से नोट बदलने का कार्य अब तो बंद हो चुका है। फिर भी हम लोगों को रात 10 बजे तक बैंक में कार्य करना पड़ रहा है। अधिक से अधिक लोगों को बैंक से लाभ मिल सके। यही हम लोगों का प्रयास रहता है। पांच सौ का नोट आ जाने के बाद उपभोक्ताओं को काफी राहत मिलेगी।