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जिपंस के दरवाजे पर पुलिस को नहीं मिली संदिग्ध गाड़ी
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बेल्थरारोड। वार्ड नंबर 28 के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य जनार्दन यादव के घर रविवार को मुख्तार कनेक्शन की जांच के लिए गई उभांव पुलिस को संदिग्ध गाड़ी नहीं मिली। पुलिस का कहना है कि जब जनपद स्तर के सपा के लोग जिपं सदस्य से मिलने आए थे उसी का फायदा उठा वाहन गायब कर दिया गया। वाहन कौन व्यक्ति ले गया। यह पता नहीं चल सका है। इस मामले की जांच की जा रही है।
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के साथ बेल्थरारोड के जिला पंचायत सदस्य व अखोप निवासी जनार्दन यादव के कनेक्शन तथा आवास पर मणिपुर प्रांत की गाड़ी की जांच उभांव पुलिस की ओर से की जा रही है। शनिवार की रात पुलिस ने मुख्तार के साथ फेसबुक पर जिपं सदस्य की फोटो मिलने पर उनके घर पर दबिश दी थी। वहीं, जिस संदिग्ध वाहन की बात कही जा रही है उसे रविवार को पुलिस जिपंस के घर लेने गई, लेकिन पुलिस को वाहन नहीं मिला। उधर, जनार्दन यादव ने सोमवार को एक बार फिर फेसबुक पर पोस्ट डालकर कहा कि जिस गाड़ी से वह दो वर्षों से चलता है उस गाड़ी को उभांव थानाध्यक्ष द्वारा संदिग्ध बताया गया है। वह गाड़ी मेरे ही गांव के मूल निवासी गिरजाशंकर तिवारी की है जो वर्तमान में वाराणसी में अस्थायी रूप से रह रहे हैं। थानाध्यक्ष थाने पर करीब छह माह से तैनात है, लेकिन उन्होंने कभी गाड़ी के बारे में संज्ञान नहीं लिया।
आरोप लगाया कि रविवार को मेरे पास कुछ प्रभावशाली लोगों का मेरे पास फोन आया कि जैसा कहता हूं, वैसा करो, नहीं तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। फोन आने के आधे घंटे बाद थानाध्यक्ष ने एक सिपाही के नंबर से पूछा कि कहां हो तुम। मैंने बताया कि करीब 10 दिनों से बाहर हूं। इसके बाद उभांव पुलिस मेरे परिवार को धमकाती रही। इसलिए मैंने गाड़ी का नंबर व कागजात के साथ गिरजाशंकर तिवारी का मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिया है। कहा कि थानाध्यक्ष गलतफहमी के शिकार हैं। मुख्तार अंसारी के साथ फोटो सचिवालय की है। इसमें मुख्तार अंसारी के भाई शिवगुल्लाह अंसारी, उनके बेटे तथा और लोग है। मेरे परिवार के खिलाफ 151 तक का मुकदमा दर्ज नहीं है। मुझे मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
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बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के साथ बेल्थरारोड के जिला पंचायत सदस्य व अखोप निवासी जनार्दन यादव के कनेक्शन तथा आवास पर मणिपुर प्रांत की गाड़ी की जांच उभांव पुलिस की ओर से की जा रही है। शनिवार की रात पुलिस ने मुख्तार के साथ फेसबुक पर जिपं सदस्य की फोटो मिलने पर उनके घर पर दबिश दी थी। वहीं, जिस संदिग्ध वाहन की बात कही जा रही है उसे रविवार को पुलिस जिपंस के घर लेने गई, लेकिन पुलिस को वाहन नहीं मिला। उधर, जनार्दन यादव ने सोमवार को एक बार फिर फेसबुक पर पोस्ट डालकर कहा कि जिस गाड़ी से वह दो वर्षों से चलता है उस गाड़ी को उभांव थानाध्यक्ष द्वारा संदिग्ध बताया गया है। वह गाड़ी मेरे ही गांव के मूल निवासी गिरजाशंकर तिवारी की है जो वर्तमान में वाराणसी में अस्थायी रूप से रह रहे हैं। थानाध्यक्ष थाने पर करीब छह माह से तैनात है, लेकिन उन्होंने कभी गाड़ी के बारे में संज्ञान नहीं लिया।
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आरोप लगाया कि रविवार को मेरे पास कुछ प्रभावशाली लोगों का मेरे पास फोन आया कि जैसा कहता हूं, वैसा करो, नहीं तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। फोन आने के आधे घंटे बाद थानाध्यक्ष ने एक सिपाही के नंबर से पूछा कि कहां हो तुम। मैंने बताया कि करीब 10 दिनों से बाहर हूं। इसके बाद उभांव पुलिस मेरे परिवार को धमकाती रही। इसलिए मैंने गाड़ी का नंबर व कागजात के साथ गिरजाशंकर तिवारी का मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिया है। कहा कि थानाध्यक्ष गलतफहमी के शिकार हैं। मुख्तार अंसारी के साथ फोटो सचिवालय की है। इसमें मुख्तार अंसारी के भाई शिवगुल्लाह अंसारी, उनके बेटे तथा और लोग है। मेरे परिवार के खिलाफ 151 तक का मुकदमा दर्ज नहीं है। मुझे मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
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